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बिहार के हाजीपुर में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया। लालगंज प्रखंड के जलालपुर में फोरलेन पर बन रहा निर्माणाधीन पुल अचानक गिर गया। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में करीब 5 से 7 मजदूर घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। वहीं, एक मजदूर के लोहे के स्ट्रक्चर में फंसे होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि उसकी हालत गंभीर है। हादसे के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और राहत-बचाव में मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक मजदूर पुल के लोहे के स्ट्रक्चर में बुरी तरह फंस गया है। उसे बाहर निकालने के लिए गैस कटर से लोहे को काटने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक मजदूर को बाहर नहीं निकाला जा रहा है, तब तक ग्रामीण उसे पानी पिलाकर जिंदा रखने की कोशिश कर रहे हैं। मजदूर की स्थिति को लेकर मौके पर मौजूद लोगों में चिंता बनी हुई है। हादसे की जानकारी फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर हजारों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। हादसे के कारण मौके पर अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने की मांग कर रहे हैं। लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि हादसे के कई घंटे बीत जाने के बावजूद बचाव कार्य को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए।

घटना की सूचना मिलने के बाद लालगंज सदर-2 एसडीपीओ गोपाल मंडल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके अलावा कई थानों की पुलिस को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है। लालगंज प्रखंड विकास पदाधिकारी सुजीत कुमार और स्थानीय मुखिया समेत अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे हैं। प्रशासन की मौजूदगी में फंसे हुए मजदूर को निकालने की कोशिश की जा रही है। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासी और प्रत्यक्षदर्शी शिवेश्वर साहू ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन मौके पर एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं थी। मजदूरों के पास सेफ्टी बेल्ट और दूसरे सुरक्षा उपकरण भी नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बड़े पुलों के निर्माण में सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है तो यहां मजदूरों की सुरक्षा का ध्यान क्यों नहीं रखा गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे हुआ। निर्माणाधीन पुल का हिस्सा अचानक गिर गया और वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुल का निर्माण ठीक तरीके से नहीं किया जा रहा था और निर्माणाधीन हिस्सा पहले से ही धंसने लगा था। हालांकि, निर्माण में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है। लोहे के स्ट्रक्चर में फंसे मजदूर को सुरक्षित बाहर निकालना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। गैस कटर की मदद से लोहे को काटकर उसे निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हादसे के बाद स्थानीय लोग निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराने की मांग कर रहे हैं। हादसे की पूरी तस्वीर राहत-बचाव कार्य पूरा होने और प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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