मालदा-साहिबगंज रेलखंड पर तिलडांगा और न्यू फरक्का के बीच गुरुवार को हुए भू-धंसान का असर शुक्रवार को भी रेल सेवाओं पर देखने को मिला। रेलवे ट्रैक के पास जमीन धंसने की घटना के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और कई ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है। 50 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव – 3 और 4 सितंबर को करीब 49 ट्रेने रद्द जानकारी के अनुसार, भू-धंसान की वजह से 3 और 4 सितंबर को करीब 49 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। इसके अलावा 50 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव कर उन्हें दूसरे रास्तों से चलाया गया। कई ट्रेनों को उनके निर्धारित गंतव्य तक नहीं भेजकर बीच के स्टेशनों पर ही समाप्त कर दिया गया। भू-धंसान की घटना के बाद गुरुवार सुबह से ही मालदा-भागलपुर और मालदा-हावड़ा रेल लाइनों पर परिचालन प्रभावित है। ट्रैक की स्थिति को देखते हुए रेलवे को ट्रेनों के संचालन में लगातार बदलाव करना पड़ रहा है। गुरुवार को 20502 आनंद विहार-अगरतला तेजस राजधानी एक्सप्रेस भी करीब तीन घंटे तक बरहड़वा स्टेशन पर खड़ी रही। इसके अलावा साहिबगंज-मालदा टाउन पैसेंजर, बरहड़वा-आजिमगंज पैसेंजर और आजिमगंज-भागलपुर पैसेंजर ट्रेन को गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी रद्द रखा गया। शुक्रवार को कई लंबी दूरी की ट्रेनों को भी प्रभावित रेलखंड से बचाने के लिए वैकल्पिक मार्ग से चलाया गया। मालदा से आनंद विहार जाने वाली ट्रेन को कटिहार के रास्ते भेजा गया। इसी तरह नई दिल्ली से कामाख्या के बीच चलने वाली ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस का परिचालन भी कटिहार के वैकल्पिक मार्ग से किया गया। रेलवे की ओर से ट्रैक की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। भू-धंसान से प्रभावित रेलखंड को सुरक्षित बनाने और सामान्य परिचालन बहाल करने के लिए काम किया जा रहा है। हालांकि, जब तक प्रभावित ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक यात्रियों को ट्रेनों के रद्द होने, मार्ग बदलने या आंशिक रूप से चलने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। रेल सेवा प्रभावित होने से इस मार्ग से सफर करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है। Post navigation हरेंद्र बहादुर सिंह बने राज्य नागरिक परिषद के नए महासचिव, पूर्व सीएम नीतीश कुमार के रह चुके हैं सुरक्षा पदाधिकारी