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गुमला जिले के सिसई में डुमरी विधायक जयराम महतो को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। आदिवासी बहुल क्षेत्र में आयोजित सभा में लोगों की भीड़ और समर्थकों का उत्साह देखने लायक रहा। जयराम महतो ने अपने भाषण के दौरान सरकार और व्यवस्था पर कई सवाल उठाए और कहा कि वे जनता के अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं। सभा को संबोधित करते हुए जयराम महतो ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा, “माफी मांग लेना मतलब जनता झुक गई। माफी अपनी जेब में रखे, टाइगर झुकेगा नहीं। उनके इस बयान पर सभा में मौजूद समर्थकों ने जोरदार प्रतिक्रिया दी। “टाइगर झुकेगा नहीं” का उनका तेवर पूरे कार्यक्रम के दौरान चर्चा का विषय बना रहा।

जयराम महतो ने कहा कि वे एक ऐसे विधायक हैं, जिन्होंने गरीबी को करीब से देखा है और गरीबों तथा छात्रों के बीच से निकलकर राजनीति में आए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी विधायकी की चिंता नहीं है। उनका उद्देश्य केवल पद पर बने रहना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना है। उन्होंने कहा कि वे भगत सिंह के विचारों को मानते हैं और शोषण, अत्याचार तथा भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना उनकी प्राथमिकता है। उनके अनुसार, यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि जनता के हक और अधिकार के लिए है। सभा में जयराम महतो ने छात्र आंदोलन और पेपर लीक जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी व्यवस्था मिलनी चाहिए।उन्होंने पुलिस एसोसिएशन से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी बात रखी और राज्य की व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा। जयराम महतो ने 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति के मुद्दे को भी सभा में उठाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के अधिकार और पहचान से जुड़े विषयों पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने जनता के हक और अधिकार की लड़ाई जारी रखने की बात दोहराई। सिसई में जुटी भीड़ के बीच जयराम महतो के भाषण को लेकर समर्थकों में खासा उत्साह नजर आया। उनके भाषण के दौरान कई बार समर्थकों ने जोरदार नारे लगाए। जयराम महतो ने अपने संबोधन के अंत में साफ किया कि वे जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज आगे भी उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि शोषण, अत्याचार और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है।

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