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बिहार सरकार ने राज्य नागरिक परिषद के रिक्त पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की ओर से 31 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पूर्व सुरक्षा पदाधिकारी हरेंद्र बहादुर सिंह को राज्य नागरिक परिषद का नया महासचिव नियुक्त किया गया है। इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के साथ अब हरेंद्र बहादुर सिंह परिषद के प्रशासनिक कामकाज से जुड़े प्रमुख दायित्व संभालेंगे। हरेंद्र बहादुर सिंह की नियुक्ति को परिषद में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने महासचिव के पद पर छोटू सिंह की जगह ली है। छोटू सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद यह पद रिक्त हुआ था। सरकार ने अब इस रिक्त पद पर हरेंद्र बहादुर सिंह की नियुक्ति की है।

हरेंद्र बहादुर सिंह भोजपुर जिले के पवट गांव के रहने वाले हैं। प्रशासनिक और सुरक्षा मामलों में उनका अनुभव रहा है। वह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुरक्षा पदाधिकारी के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों को संभालने के बाद अब उन्हें राज्य नागरिक परिषद में महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। महासचिव का पद परिषद के कामकाज में महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पद पर रहते हुए हरेंद्र बहादुर सिंह को परिषद के प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ उससे जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों की जिम्मेदारी संभालनी होगी। सरकार की अधिसूचना के अनुसार, परिषद में खाली पड़े पदों को भरने के लिए ये नियुक्तियां की गई हैं। इससे परिषद के कामकाज को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

राज्य नागरिक परिषद में महासचिव के अलावा उपाध्यक्ष पद पर भी नियुक्ति की गई है। सिवान जिले के रहने वाले डॉ. अजय कुमार सिंह को परिषद का नया उपाध्यक्ष बनाया गया है। इस तरह परिषद में दो महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां हुई हैं। हरेंद्र बहादुर सिंह को महासचिव और डॉ. अजय कुमार सिंह को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य नागरिक परिषद में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया के बीच सरकार की ओर से ये नियुक्तियां की गई हैं। 31 अगस्त को जारी अधिसूचना के बाद अब परिषद के कामकाज में दोनों नए पदाधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। खास तौर पर हरेंद्र बहादुर सिंह के पास महासचिव के रूप में परिषद के प्रशासनिक कामकाज की अहम जिम्मेदारी होगी। सुरक्षा और प्रशासनिक मामलों में उनके पुराने अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के बाद परिषद में लंबे समय से खाली पदों को भरने की दिशा में भी कदम आगे बढ़ा है। अब नए पदाधिकारियों के जिम्मेदारी संभालने के साथ परिषद के कामकाज को आगे बढ़ाने पर नजर रहेगी।

हरेंद्र बहादुर सिंह का नाम खास तौर पर इसलिए चर्चा में है क्योंकि वह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुरक्षा पदाधिकारी के रूप में काम कर चुके हैं। सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े काम का उनका अनुभव अब राज्य नागरिक परिषद के महासचिव के पद पर काम आएगा। नई जिम्मेदारी के तहत उन्हें परिषद के प्रशासनिक कार्यों को व्यवस्थित करने और विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों को संभालने का काम करना होगा। इस नियुक्ति के साथ हरेंद्र बहादुर सिंह की भूमिका अब सुरक्षा से जुड़े पुराने दायित्वों से आगे बढ़कर राज्य नागरिक परिषद के प्रशासनिक संचालन से भी जुड़ गई है।

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