G-6J2VDTQNQL

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की जांच अब और तेज हो गई है। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पिछले पांच साल के वित्तीय रिकॉर्ड और ऑडिट की दोबारा जांच करेगी। शुरुआती जांच में वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका सामने आने के बाद एसआईटी ने हर लेनदेन की बारीकी से जांच करने का फैसला लिया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इससे यह पता चल सकेगा कि चढ़ावे की रकम का सही तरीके से हिसाब रखा गया था या नहीं। इस मामले में ट्रस्ट के कुछ बड़े पदाधिकारियों से भी पूछताछ हो सकती है।

शुरुआती जांच में मिले अहम सुराग, बड़े पदाधिकारियों पर भी नजर

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी को जांच के दौरान कई ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं, जो वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं। माना जा रहा है कि जांच की जद में ट्रस्ट से जुड़े कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी भी आ सकते हैं। इस मामले की समीक्षा के लिए लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और विशेष वित्त सचिव नील रतन सहित वरिष्ठ अधिकारी बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे। जांच के दौरान ट्रस्ट से जुड़े डॉ. अनिल मिश्रा से भी पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार उन्होंने कहा कि चढ़ावे की गणना का काम गणनाकर्मी टिन्नू यादव के निर्देश पर होता था और उन्होंने अपनी भूमिका से इनकार किया। हालांकि पूछताछ के दौरान उन्होंने यह स्वीकार किया कि निगरानी व्यवस्था में कमी रही। बताया जा रहा है कि कई सवालों के संतोषजनक जवाब भी नहीं मिल सके। वहीं ट्रस्ट से जुड़े गोपाल राव के बयान भी जल्द दर्ज किए जा सकते हैं। एसआईटी अब केवल चढ़ावे की चोरी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मंदिर में हुए निर्माण कार्यों, सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे की गणना प्रक्रिया की भी जांच करेगी। सरकार ने जांच की अवधि दो सप्ताह बढ़ा दी है और अब एसआईटी 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच का उद्देश्य पूरे मामले की सच्चाई सामने लाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय तय करना है।

आरोपी के कमरे से मिला ‘रामराज्य कोष’ का संदूक

जांच के दौरान चढ़ावा चोरी के आरोपी अविनाश शुक्ला के कौशलपुरी स्थित योग केंद्र के कमरे से “रामराज्य कोष” लिखा एक संदूक भी मिला है। इस संदूक पर एक क्यूआर कोड लगा हुआ था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस संदूक में जमा होने वाला पैसा कहां से आता था और उसका इस मामले से कोई संबंध है या नहीं। साथ ही क्यूआर कोड के जरिए हुए सभी डिजिटल लेनदेन की भी जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि संदूक से कोई नकदी बरामद हुई या नहीं।

6 जुलाई को होगी ट्रस्ट की अहम बैठक, पारदर्शिता बढ़ाने पर भी होगा मंथन

चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद पहली बार 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर भी चर्चा हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के नियमों के तहत किसी पदाधिकारी का इस्तीफा स्वीकार करने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होगा। यदि किसी पदाधिकारी को उसके पद से हटाया भी जाता है, तो वह ट्रस्ट का सदस्य बना रह सकता है। फिलहाल ट्रस्ट के 14 सदस्यों में से दो सदस्य पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में बैठक में मौजूद 12 ट्रस्टियों की राय के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था, चढ़ावे की गणना प्रणाली, पारदर्शिता और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई है। इन सभी बिंदुओं को शामिल करते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसे संबंधित शीर्ष स्तर पर भेजा गया है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर आगे संगठन और ट्रस्ट स्तर पर आवश्यक फैसले लिए जा सकते हैं। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर एसआईटी की अंतिम जांच रिपोर्ट और 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक पर टिकी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *