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रांची: राजधानी के डोरंडा थाना क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। शुक्रवार शाम से लापता तीन वर्षीय अरनव कुमार का शव शनिवार सुबह घर से कुछ दूरी पर कुम्हार टोली श्मशान घाट के पास स्थित नाले में मिला। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजन जिस बच्चे को शुक्रवार शाम से तलाश रहे थे, शनिवार सुबह उसका शव मिलने से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, अरनव कुमार शुक्रवार शाम करीब चार बजे से लापता था। बताया जाता है कि बच्चा अचानक घर के आसपास से गायब हो गया। कुछ देर तक जब वह दिखाई नहीं दिया तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिवार के लोग आसपास की गलियों, घरों और मोहल्ले में बच्चे को खोजते रहे। काफी देर तक तलाश करने के बाद भी जब अरनव का कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने डोरंडा थाना पहुंचकर पुलिस को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने भी बच्चे की तलाश शुरू कर दी थी। इसी बीच शनिवार सुबह कुम्हार टोली श्मशान घाट के पास नाले में एक बच्चे का शव मिलने की सूचना मिली। खबर मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव की पहचान लापता अरनव कुमार के रूप में की गई। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। बच्चे का शव देखते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, अरनव के घर के सामने ही एक नाला है, जो खुला हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि बच्चा खेलते-खेलते घर से बाहर निकला होगा और इसी दौरान खुले नाले में गिर गया होगा। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि बच्चा नाले तक कैसे पहुंचा और उसके साथ वास्तव में क्या हुआ। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस ने शव को लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। साथ ही परिजनों और स्थानीय लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

तीन साल के अरनव की मौत से डोरंडा क्षेत्र के लोग गहरे सदमे में हैं। शुक्रवार शाम से परिवार और आसपास के लोग उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि तलाश का अंत इतनी दुखद खबर के साथ होगा। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने खुले नालों को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि रिहायशी इलाकों में खुले नाले छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। ऐसे स्थानों को जल्द ढकने और सुरक्षा के इंतजाम करने की जरूरत है।

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