कहा- अबुआ राज, अबुआ सरकार में व्यवस्था से क्षुब्ध होकर झारखंड आंदोलनकारी की बेटी का आत्महत्या करना बेहद दुखद; झारखंडी ताकतें अपनी सांस्कृतिक एकता बनाए रखें झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी हंदू भगत की क्रांतिकारी पुत्री निशा भगत का वर्तमान व्यवस्था से क्षुब्ध होकर आत्महत्या जैसा कदम उठाना बेहद दुखद है। इस घटना से झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा का पूरा परिवार मर्माहत है। मोर्चा ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड अलग राज्य का सपना यहां के लोगों ने बेहतर व्यवस्था, सम्मान, अधिकार और विकास की उम्मीद के साथ देखा था। आंदोलनकारियों ने लंबा संघर्ष कर अलग राज्य के निर्माण में योगदान दिया। ऐसे में आंदोलनकारी परिवार से जुड़ी एक बेटी की इस तरह मौत होना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि इस घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने झारखंड के सभी आंदोलनकारी संगठनों और झारखंडी समाज के लोगों से एकजुट रहने की अपील की। पुष्कर महतो ने कहा कि आज झारखंडी ताकतों को अपनी सामूहिक सांस्कृतिक एकता और अखंडता को किसी भी हाल में खंडित नहीं होने देना चाहिए। समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। आपसी बिखराव से झारखंड की पहचान और अधिकारों की लड़ाई कमजोर होगी। पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड की अस्मिता, संस्कृति और आंदोलनकारियों के सपनों की रक्षा के लिए सभी झारखंडी ताकतों को मिलकर काम करना होगा। Post navigation आदिवासी समाज अपनी जड़ों से जुड़े, परंपरा और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट हो : हेमंत सोरेन निशा भगत की मौत पर बाबूलाल का हेमंत सरकार पर हमला, बोले- झारखंड में सरकार नहीं, माफिया चला रहे राज