गुमला पहुंचकर दिवंगत आदिवासी नेत्री को दी श्रद्धांजलि, पिठौरिया थाने के दारोगा और अजय तिर्की की गिरफ्तारी की मांग; पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की उठाई आवाज झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि निशा भगत की आत्महत्या के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है और सरकार के बजाय गुंडे, दलाल तथा माफिया अपना तंत्र चला रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले में बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। बाबूलाल मरांडी शनिवार को गुमला पहुंचे, जहां उन्होंने दिवंगत आदिवासी नेत्री निशा भगत को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक आदिवासी बेटी की इस तरह मौत होना बेहद दुखद है। इस घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। झारखंड में सरकार नहीं, माफिया चला रहे अपना तंत्र : मरांडी नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि झारखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। राज्य के अंचल कार्यालयों, प्रखंडों और थानों में माफिया, दलाल और असामाजिक तत्व सक्रिय हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोगों को सत्ता में बैठे लोगों का संरक्षण प्राप्त है। उनके इशारे पर प्रशासनिक अधिकारी काम कर रहे हैं। मरांडी ने कहा कि आम आदमी अपनी शिकायत लेकर सरकारी कार्यालयों और थानों का चक्कर लगाता रहता है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं होती। दूसरी ओर, माफिया और दलालों के एक फोन पर प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसपी, डीसी और सीओ जैसे अधिकारियों पर भी ऐसे लोगों का दबाव रहता है। यह स्थिति राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आदिवासियों की जमीन पर कब्जे का लगाया आरोप बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में भू-माफियाओं का आतंक बढ़ गया है। आम लोगों के साथ-साथ आदिवासियों की रैयती जमीन पर भी कब्जा किया जा रहा है। जमीन की खरीद-बिक्री और कब्जे के इस खेल में प्रशासनिक संरक्षण मिलने का भी उन्होंने आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल किया कि आदिवासियों की जमीन और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? मरांडी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री से राज्य की व्यवस्था नहीं संभल रही है, तो उन्हें पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। निशा भगत मामले में बड़ी साजिश की आशंका, सीबीआई जांच की मांग निशा भगत की मौत के मामले पर बाबूलाल मरांडी ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में बड़ी साजिश की आशंका है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने आत्महत्या से पहले निशा भगत द्वारा कथित रूप से नाम लिए गए पिठौरिया थाना के दारोगा और अजय तिर्की को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। मरांडी ने कहा कि केवल सामान्य जांच से इस मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी। पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध है, उनके खिलाफ कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिले। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य में अपराध और गुंडागर्दी की घटनाएं बढ़ रही हैं। खासकर आदिवासी समाज की बेटियां और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता निशाने पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को या तो अपनी जान गंवानी पड़ती है या फिर मुकदमों में फंसाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जाती है। इस दौरान उन्होंने रूपा तिर्की, सूर्या हांसदा, सोमा मुंडा और सुभाष मुंडा के मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से राज्य में कानून-व्यवस्था और आदिवासी समाज की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। Post navigation निशा भगत की मौत से मर्माहत झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, पुष्कर महतो ने जताया दुख 15 नवंबर को बिरसा चौक पर आमरण अनशन करेंगे आंदोलनकारी, पुष्कर महतो बोले- अब अधिकार लेकर रहेंगे