अकबरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जन्मी बच्ची को फूलों से सजी गाड़ी में घर ले गए परिजन, पिता बोले- बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं अकबरपुर: घर में बेटी का जन्म हुआ तो परिवार की खुशियां सातवें आसमान पर पहुंच गईं। पांच बेटों के बाद परिवार में आई नन्ही परी का स्वागत किसी बड़े उत्सव से कम नहीं था। बेटी के जन्म की खुशी में परिजनों ने ढोल-बाजे और डीजे के साथ जश्न मनाया। नवजात बच्ची को फूलों की माला और गुब्बारों से सजी गाड़ी में बैठाकर पूरे उत्साह के साथ गांव ले जाया गया। यह नजारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर में लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। जानकारी के अनुसार, पिथौरी गांव निवासी मुनिरक शर्मा के घर पांच बेटों के बाद बेटी ने जन्म लिया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर में बच्ची के जन्म की खबर मिलते ही परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों में खुशी छा गई। परिवार के लिए यह पल बेहद खास था। इसी खुशी को यादगार बनाने के लिए परिजनों ने बच्ची के स्वागत की विशेष तैयारी की। अस्पताल से नवजात को घर ले जाने के लिए गाड़ी को फूल-मालाओं और रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया था। इसके बाद ढोल-बाजे और डीजे की धुन पर खुशी मनाते हुए परिवार के लोग बच्ची को लेकर गांव पहुंचे। परिजनों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। अस्पताल परिसर में भी इस अनोखे स्वागत को देखने के लिए लोगों की नजरें परिवार की ओर लगी रहीं। बेटी के आने से दोगुनी हुई परिवार की खुशी बच्ची के पिता मुनिरक शर्मा ने कहा कि उनके घर पहले से पांच बेटे हैं और अब बेटी के जन्म से परिवार पूरा खुशियों से भर गया है। उन्होंने बताया कि बेटी का आगमन उनके लिए बेहद खास और यादगार है। परिवार का हर सदस्य नन्ही बच्ची को पाकर खुश है। मुनिरक शर्मा ने कहा कि बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं होता। दोनों का अपना महत्व है। बेटी भी परिवार का नाम रोशन करती है और घर में खुशियां लेकर आती है। उन्होंने कहा कि अपनी बेटी को अच्छी शिक्षा और संस्कार देंगे, ताकि वह पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बन सके। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर की ओर से भी बच्ची और उसके माता-पिता को बधाई दी गई। परिवार ने जिस तरह बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाया, उससे समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सकारात्मक सोच का संदेश गया है। यह पहल बताती है कि बेटी का जन्म भी उतनी ही खुशी और गर्व का अवसर है, जितना बेटे का जन्म। Post navigation कमरे में बंद ASI बना खूनी शिकारी! खिड़की से 5-6 राउंड फायरिंग, एक ग्रामीण की मौत, तीन जिंदगी-मौत से जूझ रहे