झारखंड की राजनीति में एक बार फिर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाये हैं। बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि झारखंड के लोकतांत्रिक इतिहास में आज बेहद चिंताजनक स्थिति बन गई है, जहां कानून की रक्षा करने वाली व्यवस्था खुद सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है। क्या राज्य का प्रशासनिक तंत्र माफियाओं के प्रभाव में काम कर रहा है – बाबूलाल मरांडी दरअसल, धनबाद के एक कुख्यात अपराधी द्वारा विदेश से जारी किये गये एक वीडियो के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस वीडियो में धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक यानी एसएसपी और प्रशासनिक तंत्र पर कई गंभीर आरोप लगाये गये हैं। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति के बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे राज्य की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक पारदर्शिता और सरकार की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि वीडियो में यह दावा किया गया है कि गरीब और कमजोर लोगों की जमीनों पर कब्जा कराने की कोशिश हो रही है। साथ ही माइनिंग माफियाओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच गठजोड़ की भी आशंका जतायी गयी है। उन्होंने कहा कि अगर इन आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई है, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधा सवाल पूछा कि क्या झारखंड का प्रशासनिक तंत्र माफियाओं के प्रभाव में काम कर रहा है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जनता के बीच यह चर्चा तेजी से बढ़ रही है कि सत्ता और प्रशासन का इस्तेमाल दबाव और डर का माहौल बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्दी और सत्ता की ताकत का उपयोग अगर गलत तरीके से हो रहा है, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन अधिकारियों पर इतने गंभीर आरोप लग रहे हैं, उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां क्यों दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार निष्पक्ष जांच कराने के बजाय ऐसे अधिकारियों को बचाने की कोशिश करती है, तो इससे जनता का भरोसा कमजोर होगा। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि इससे लोगों के बीच यह संदेश जा रहा है कि सत्ता और प्रभाव के आगे न्याय व्यवस्था कमजोर पड़ रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने संयम बरता है ताकि राज्य में भय और अराजकता का माहौल न बने। इसी वजह से उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का केवल संपादित हिस्सा ही सार्वजनिक किया है। बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कहा कि पूरा वीडियो उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपलब्ध कराया जायेगा, ताकि बाद में सरकार यह न कह सके कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। बाबूलाल मरांडी ने इस पूरे मामले में सरकार से कई बड़ी मांगें भी की हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी को तुरंत पद से हटाया जाये और पूरे मामले की उच्चस्तरीय तथा निष्पक्ष जांच करायी जाये। साथ ही माइनिंग माफिया, जमीन कब्जा और प्रशासनिक संरक्षण से जुड़े सभी आरोपों की न्यायिक निगरानी में जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जो भी दोषी पाया जाये, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाये। भाजपा नेता ने कहा कि झारखंड की जनता अब यह देख रही है कि सरकार कानून के शासन के साथ खड़ी है या फिर माफिया तंत्र के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता का विश्वास बनाये रखना होता है। Post navigation Hemant Soren’s Call in Assam: Every Vote a Blow to Injustice – Join the Festival of Democracy in Full Strength रांची में अपराधियों पर कसेगा शिकंजा, एसएसपी ने दिए सख्त निर्देश