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रांची के कांके स्थित सुहाना सिटी में दिल्ली पुलिस और कांके पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर वाहन चोरी करने वाले एक कथित गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपित समीर अंसारी के आवास से चोरी की दो थार गाड़ियां और चार मोटरसाइकिल बरामद की हैं। हालांकि, छापेमारी के दौरान समीर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने उसके परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, समीर अंसारी पर दिल्ली में वाहन चोरी करने वाले गिरोह का नेतृत्व करने का आरोप है। इस गिरोह तक पहुंचने के लिए दिल्ली पुलिस ने खास रणनीति बनाई थी। पुलिस ने जीपीएस से लैस एक वाहन को ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से किराये पर लगवाया। आरोप है कि गिरोह के सदस्य इस वाहन को भी चोरी कर कांके स्थित समीर के घर ले आए। इसके बाद जीपीएस की मदद से पुलिस को वाहन की लोकेशन का पता चला और जांच टीम रांची पहुंच गई। जीपीएस से वाहन की लोकेशन मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने समीर अंसारी के आवास का पता लगाया। पुलिस टीम रात करीब तीन बजे से ही घर के आसपास निगरानी करने लगी। इसके बाद सुबह करीब पांच बजे कांके पुलिस को सूचना दी गई और दोनों पुलिस टीमों ने मिलकर छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, टीम ने घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन करीब दो घंटे तक दरवाजा नहीं खोला गया। इसी दौरान समीर अंसारी घर के पिछले दरवाजे से निकलकर धान के खेत की ओर भाग गया। पुलिस ने उसका पीछा किया, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने घर से दो थार वाहन और चार मोटरसाइकिल जब्त कीं। पुलिस का दावा है कि इन सभी वाहनों पर दिल्ली के फर्जी नंबर प्लेट लगे हुए थे। जांच टीम बरामद वाहनों के दस्तावेज और उनकी पहचान से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है। पुलिस को घर से समीर के नाम और पहचान से संबंधित एक कथित फर्जी पासपोर्ट भी मिला है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य ट्रैवल एजेंसियों से चारपहिया वाहन किराये पर लेते थे और फिर उन्हें लेकर फरार हो जाते थे। आरोप है कि पिछले करीब आठ महीनों से गिरोह के सदस्य फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में वाहन किराये पर ले रहे थे। वाहन हासिल करने के बाद उनके नंबर प्लेट बदल दिए जाते थे, ताकि उनकी पहचान छिपाई जा सके। इसके बाद चोरी के वाहनों को बेच दिया जाता था या कबाड़ में खपा दिया जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने वाहन चोरी किए हैं और इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। समीर अंसारी के फरार होने के कारण उसकी तलाश की जा रही है। वहीं, उसके परिजनों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों से जुड़े सुराग जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस बरामद वाहनों, कथित फर्जी पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही गिरोह की गतिविधियों और चोरी किए गए वाहनों की वास्तविक संख्या को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।

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