तमाड़ में हुई बैठक में 50 हजार रुपये मासिक पेंशन, राजकीय सम्मान और आश्रितों को नौकरी देने की मांग झारखंड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारी अब अपने अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी में हैं। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की रांची जिला इकाई की बैठक तमाड़ के जीईएल चर्च अमलेसा मैदान में हुई। बैठक में आंदोलनकारियों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए 15 नवंबर से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन, प्रदर्शन और सभा करने का निर्णय लिया गया। मोर्चा ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों को आज भी सम्मान, पहचान, पेंशन और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़े अधिकारों के लिए आवाज उठानी पड़ रही है। संगठन ने सरकार से इन समस्याओं का समाधान करने की मांग की है। 15 नवंबर से शुरू होगा आंदोलन बैठक में तय किया गया कि झारखंड स्थापना दिवस और भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर से आंदोलन शुरू किया जाएगा। मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी अब अपने बच्चों और आश्रितों के अधिकारों की रक्षा के लिए उलगुलान करेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड के निर्माण में आंदोलनकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में उनके परिवारों को रोजगार और सम्मानजनक जीवन का अवसर मिलना चाहिए। पुष्कर महतो ने कहा कि आंदोलनकारियों की मांगों को लेकर अब व्यापक संघर्ष किया जाएगा। 50 हजार रुपये पेंशन और नौकरी की मांग बैठक में आंदोलनकारियों के लिए हर महीने 50 हजार रुपये पेंशन देने की मांग की गई। मोर्चा का कहना है कि पेंशन पाने के लिए जेल जाने की अनिवार्यता समाप्त की जानी चाहिए, ताकि सभी पात्र आंदोलनकारियों को सम्मानजनक पेंशन मिल सके। इसके अलावा आंदोलनकारियों के बच्चों और आश्रितों को नौकरी तथा रोजगार में अधिकार देने की मांग भी उठाई गई। संगठन ने सरकार से राजकीय मान-सम्मान और आंदोलनकारियों की अलग पहचान सुनिश्चित करने की अपील की। ‘आंदोलनकारियों के सम्मान से ही सरकार का सम्मान’ मोर्चा के दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल प्रभारी अंथन लकड़ा ने कहा कि आंदोलनकारियों को अपने अस्तित्व, अस्मिता और पहचान की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने सभी आंदोलनकारियों से एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। वहीं, जिला संयोजक शत्रुधन महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के संघर्ष का उचित सम्मान होना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि आंदोलनकारियों को सम्मान, पहचान और पेंशन देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। बैठक की अध्यक्षता जिला संयोजक अघनु महतो ने की, जबकि संचालन जगदीश गुप्ता ने किया। इस दौरान कालीचरण महतो, प्रदीप विश्वकर्मा, दुख हरण महतो, ललिता देवी, हीरालाल दास, मंगलदीप स्वासी, संदीप मोदक, दिगंबर महतो, सुरेंद्र महतो, फनी बांस मोहाली, रोहिण महतो, मनोरंजन साहू, सृष्टिधर प्रमाणिक, हलधर महतो, अनिल कुमार महतो और रतन लाल लोहरा सहित अन्य लोग उपस्थित थे। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि 15 नवंबर से प्रस्तावित आंदोलन के जरिए सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई जाएंगी। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है। Post navigation झारखंड आंदोलनकारियों की मौत पर पुष्कर महतो का दर्द छलका, हेमंत सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग