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झारखंड के पलामू जिले के नावाबाजार थाना क्षेत्र के बसना गांव में महिला गीता देवी की हत्या और लूटपाट के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लूटपाट के इरादे से महिला को निशाना बनाया था। गहने लूटने के बाद पहचान उजागर होने और महिला के शोर मचाने के डर से उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, महिला से लूटे गए आभूषण, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी और खून व मिट्टी लगे कपड़े बरामद किए हैं। इसके अलावा चोरी की एक अन्य मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी।

पुलिस के अनुसार, घटना 20 अक्टूबर 2026 की रात की है। बसना गांव की रहने वाली गीता देवी दुर्गा पूजा पंडाल से अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान वह लापता हो गईं। परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चला। 21 अक्टूबर को दोपहर में गीता देवी का शव घर के पास धान के खेत में संदिग्ध अवस्था में मिला। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका के पति शशि पासवान के लिखित आवेदन पर नावाबाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पलामू के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विश्रामपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चिरंजीव मंडल के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया। पुलिस के मुताबिक, एसआईटी ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद मुख्य आरोपी बताए जा रहे दीपरंजन पाण्डेय उर्फ छोटू उर्फ कारू समेत चार लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच के दौरान सामने आया कि चारों आरोपियों ने दुर्गा पूजा की दशमी के दिन पंडाल देखने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर लूटपाट करने की योजना बनाई थी। इसी योजना के तहत 20 अक्टूबर की रात घर लौट रही गीता देवी को अकेला पाकर खेत की ओर ले जाया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने महिला के आभूषण लूट लिए। जब महिला ने उन्हें पहचान लिया और शोर मचाने लगीं, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने इसी घटनाक्रम के आधार पर मामले का खुलासा करने की बात कही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।

पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 22 वर्षीय दीपरंजन पाण्डेय उर्फ छोटू उर्फ कारू, निवासी रजहारा, नावाबाजार थाना क्षेत्र, 24 वर्षीय रोहित पाण्डेय, निवासी रजहारा, नावाबाजार थाना क्षेत्र, 26 वर्षीय आकाश शुक्ला उर्फ भूलन शुक्ला, मूल निवासी चौरा, लेस्लीगंज थाना क्षेत्र और वर्तमान निवासी रजहारा, नावाबाजार तथा 25 वर्षीय विक्की पासवान उर्फ विकास पासवान, निवासी लोहड़ी, पड़वा थाना क्षेत्र शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कई सामान बरामद किए हैं। इनमें एक हीरो कंपनी की स्ट्रीम मोटरसाइकिल, एक सफेद अपाची मोटरसाइकिल, चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन, मृतका से लूटे गए आभूषण, खून और मिट्टी लगे कपड़े तथा गला घोंटने में इस्तेमाल की गई रस्सी शामिल हैं। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी दीपरंजन पाण्डेय के खिलाफ नावाबाजार थाने में पहले से कई मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट, धमकी और चोरी से संबंधित मामले शामिल हैं। आकाश शुक्ला के खिलाफ भी पूर्व में मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। वहीं, विक्की पासवान के विरुद्ध पड़वा, शहर और गढ़वा शहर थाना क्षेत्रों में चोरी तथा चोरी के सामान की बरामदगी से संबंधित पुराने मामले दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।

इस मामले के उद्भेदन के लिए गठित टीम में विश्रामपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चिरंजीव मंडल, प्रशिक्षु डीएसपी सह विश्रामपुर थाना प्रभारी मृत्युंजय गोप, नावाबाजार थाना प्रभारी संजय कुमार यादव, पड़वा थाना प्रभारी अंचित कुमार सहित विभिन्न थानों के पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। कार्रवाई में नावाबाजार, विश्रामपुर और पड़वा थाना की पुलिस ने भाग लिया। पलामू पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल नजदीकी थाने को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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