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झारखंड राज्य के गठन के लिए आंदोलन करने वाले आंदोलनकारियों की लगातार हो रही मौत पर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने चिंता जताई है। मोर्चा ने राज्य सरकार से इस मामले में गंभीरता से संज्ञान लेने और आंदोलनकारियों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि राज्य के तीन आंदोलनकारियों का निधन हुआ है। इनमें जामताड़ा जिले के मिहिजाम निवासी बाबू जान अंसारी, धनबाद के तेलीपाड़ा निवासी वरुण सेन और पलामू जिले के रामगढ़ क्षेत्र के बांसडीह निवासी राजकिशोर सिंह शामिल हैं। इन तीनों के निधन से मोर्चा परिवार दुखी है।

पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण के लिए आंदोलनकारियों ने लंबा संघर्ष किया था। लेकिन राज्य बनने के बाद भी कई आंदोलनकारी आर्थिक तंगी, बीमारी और दूसरी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य गठन के बाद अब तक लगभग 20 से 25 हजार आंदोलनकारियों की मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी बड़ी संख्या में आंदोलनकारी बीमार हैं। आर्थिक परेशानियों के कारण कई लोगों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। कुछ आंदोलनकारी पारिवारिक और सामाजिक उत्पीड़न का भी सामना कर रहे हैं। मोर्चा ने इन परिस्थितियों को गंभीर चिंता का विषय बताया है।

पुष्कर महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार से आंदोलनकारियों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने झारखंड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष किया, उनकी समस्याओं की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। मोर्चा का कहना है कि बीमार और आर्थिक रूप से कमजोर आंदोलनकारियों को उचित चिकित्सा सुविधा और जरूरी सहायता मिलनी चाहिए, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा ने सरकार से अपील की है कि आंदोलनकारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाए और उनकी सहायता के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

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