दिल्ली के राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत ने लारा प्रोजेक्ट्स से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत आठ आरोपितों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत आरोप तय कर दिए हैं। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने गुरुवार को इस मामले में आदेश सुनाया। अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के अलावा लारा प्रोजेक्ट्स, सरला गुप्ता, प्रेम चंद गुप्ता, सुजाता होटल्स, विनय कोचर और विजय कोचर के खिलाफ भी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोप तय किए हैं। अदालत के इस आदेश के बाद अब इन आरोपितों के खिलाफ मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी। वहीं, अदालत ने लालू यादव के दामाद राहुल यादव समेत सात आरोपितों को इस मामले से आरोपमुक्त कर दिया है। आरोपमुक्त किए गए लोगों में गौरव गुप्ता, नाथ मल कंकर्णिया, विजय त्रिपाठी, डीएन तुलश्यान, राजीव रेलन और अभिषेक फाइनेंस भी शामिल हैं। आठ आरोपितों के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय मामले में आरोपितों ने जांच एजेंसियों की ओर से लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ पर्याप्त और ठोस सबूत नहीं हैं। आरोपितों की ओर से यह भी दावा किया गया है कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है। हालांकि, अदालत ने उपलब्ध सामग्री के आधार पर आठ आरोपितों के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय कर दिए हैं। यह मामला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान वर्ष 2004 से 2009 के बीच कथित आईआरसीटीसी होटल टेंडर अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। उस समय रेलवे के अधीन आने वाले आईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित दो होटलों के संचालन और रखरखाव के लिए टेंडर प्रक्रिया हुई थी। सीबीआई का आरोप है कि इन दोनों होटलों के संचालन और रखरखाव का ठेका सुजाता होटल्स को देने में नियमों के साथ कथित तौर पर हेरफेर की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता के बदले लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार से जुड़ी संस्थाओं को फायदा पहुंचाया गया। प्राथमिकी के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का दर्ज किया था मामला जांच एजेंसी के अनुसार, इस कथित लाभ के बदले लालू यादव और उनके परिवार से जुड़ी संस्थाओं को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर करोड़ों रुपये की जमीन और कंपनी के शेयर मिले। इसी मामले में सीबीआई की ओर से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। मामले की जांच के दौरान जांच एजेंसियों ने कथित लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों को भी जांच के दायरे में लिया। एजेंसियों का आरोप है कि होटल टेंडर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार से हासिल लाभ को अलग-अलग माध्यमों से संपत्ति और कारोबारी हिस्सेदारी में बदला गया। इस मामले से जुड़े सीबीआई केस में अदालत पहले ही लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी समेत कई आरोप तय कर चुकी है। राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ भी आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी सहित विभिन्न आरोप तय किए जा चुके हैं। अब लारा प्रोजेक्ट्स से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी आठ आरोपितों के खिलाफ PMLA के तहत आरोप तय होने के बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को निर्धारित की गई है। उस तारीख पर मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर सुनवाई होगी। Post navigation हाजीपुर में निर्माणाधीन पुल भरभराकर गिरा, 7 मजदूर घायल; लोहे के ढांचे में फंसा एक मजदूर