बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद अहम रहा, क्योंकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार का बड़ा विस्तार हुआ और इसके साथ ही मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया। नई सरकार के गठन के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि किस नेता को कौन-सा विभाग मिला और इसके पीछे क्या राजनीतिक संदेश छिपा है। इस विभाग बंटवारे ने साफ कर दिया है कि एनडीए सरकार आने वाले समय की राजनीति और चुनावी रणनीति को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है। नई सरकार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पास सबसे महत्वपूर्ण विभाग रखे हैं। गृह विभाग, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन और सिविल एविएशन जैसे बड़े विभाग अब सीधे मुख्यमंत्री के नियंत्रण में रहेंगे। गृह विभाग किसी भी राज्य सरकार का सबसे ताकतवर विभाग माना जाता है, क्योंकि इसके तहत कानून-व्यवस्था, पुलिस प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था आती है। ऐसे में सम्राट चौधरी का इस विभाग को अपने पास रखना यह दिखाता है कि वे सरकार और प्रशासन पर मजबूत पकड़ बनाकर रखना चाहते हैं। विजय कुमार चौधरी संभालेंगे जल संसाधन विभाग, बिजेंद्र यादव को मिला वित्त मंत्रालय सरकार में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन और संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी दी गयी है। बिहार में बाढ़ और सिंचाई की समस्या हमेशा बड़ा मुद्दा रही है, इसलिए जल संसाधन विभाग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं संसदीय कार्य विभाग सरकार और विधानसभा के बीच तालमेल बनाये रखने में अहम भूमिका निभाता है। दूसरी ओर दूसरे डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव को वित्त विभाग सौंपा गया है। वित्त विभाग सरकार की आर्थिक नीतियों और बजट का सबसे बड़ा केंद्र होता है। इससे साफ है कि सरकार ने अनुभवी नेताओं को अहम जिम्मेदारी देकर संतुलन साधने की कोशिश की है। चर्चा का केंद्र रहे निशांत कुमार, मिला स्वास्थ्य विभाग पूरे विभाग बंटवारे में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर हो रही है। राजनीति में औपचारिक रूप से कदम रखने के तुरंत बाद उन्हें स्वास्थ्य विभाग जैसा बड़ा मंत्रालय दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में गिना जाता है, क्योंकि यह सीधे जनता की चिकित्सा व्यवस्था, अस्पताल, डॉक्टर और स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ा होता है। निशांत कुमार को यह विभाग मिलना केवल प्रशासनिक फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे जदयू और नीतीश कुमार की भविष्य की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग देकर यह संदेश दिया गया है कि आने वाले समय में उन्हें बिहार की राजनीति में बड़ी भूमिका दी जा सकती है। अभी तक वे सक्रिय राजनीति से दूर रहते थे, लेकिन अब मंत्री बनने और इतना महत्वपूर्ण विभाग मिलने के बाद उनकी राजनीतिक पहचान तेजी से मजबूत हो सकती है। विपक्ष इस मुद्दे को परिवारवाद से जोड़कर हमला कर रहा है, जबकि जदयू इसे नई पीढ़ी को मौका देने की रणनीति बता रही है। बिहार कैबिनेट में भाजपा-जदयू का संतुलन फॉर्मूला, अहम विभागों का बंटवारा भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गयी है। बिहार की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर करती है, इसलिए कृषि विभाग राज्य की राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद अहम माना जाता है। विजय सिन्हा पहले डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब उन्हें कृषि विभाग देकर भाजपा ने किसानों और ग्रामीण वोट बैंक को मजबूत संदेश देने की कोशिश की है। इस बार विभागों के बंटवारे में भाजपा और जदयू के बीच कई बड़े बदलाव भी देखने को मिले। पहले स्वास्थ्य विभाग भाजपा के पास था, लेकिन अब यह जदयू को मिल गया है। वहीं शिक्षा विभाग जदयू से निकलकर भाजपा के खाते में चला गया है। यह बदलाव केवल विभाग बदलने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे दोनों दलों के बीच शक्ति संतुलन और राजनीतिक रणनीति का हिस्सा समझा जा रहा है। सम्राट चौधरी सरकार का यह विभाग बंटवारा कई मायनों में खास माना जा रहा है। इसमें अनुभव, जातीय संतुलन, गठबंधन की मजबूरी और भविष्य की राजनीति सब कुछ दिखाई दे रहा है। भाजपा और जदयू दोनों ने अपने भरोसेमंद नेताओं को मजबूत विभाग देकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि सरकार स्थिर और मजबूत है। साथ ही नई पीढ़ी को आगे लाने की भी तैयारी दिखाई दे रही है। कुल मिलाकर बिहार में विभागों का यह बंटवारा केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय की राजनीति का बड़ा संकेत भी माना जा रहा है। इससे साफ हो गया है कि एनडीए सरकार बिहार में लंबे समय तक अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत रखने की तैयारी में जुट चुकी है। Post navigation Samrat Chaudhary Makes History with First BJP Government in Bihar NH-19 पर हादसे का कहर, डंपर से भिड़ी रेखा बस- एक मृत, 22 घायल