विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हर साल लाखों की संख्या में आने वाले कांवरियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए देवघर और दुमका में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस मुख्यालय के निर्देश के अनुसार, विभिन्न जिलों, पुलिस इकाइयों और प्रशिक्षण संस्थानों से पुलिस अधिकारियों और जवानों को श्रावणी मेला ड्यूटी के लिए भेजा जाएगा। इनकी तैनाती 25 जुलाई 2026 से शुरू होगी और 31 अगस्त 2026, यानी मेले की समाप्ति तक जारी रहेगी। श्रावणी मेला के दौरान देवघर और दुमका में कुल 3,040 पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इनमें अलग-अलग पदों के अधिकारी और जवान शामिल हैं। तैनाती में 18 इंस्पेक्टर, 2018 बैच के 12 दारोगा, 355 एएसआई, 1,435 पुरुष लाठी बल, 180 महिला लाठी बल और 700 होमगार्ड जवान शामिल होंगे। इसके अलावा जरूरत के अनुसार अन्य बटालियनों की भी तैनाती की जाएगी। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर रहेगा खास ध्यान श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। इसे देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए विशेष योजना तैयार की है। मेले के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीएसपी, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों का प्रभारी बनाया जाएगा। सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की लगातार निगरानी करेंगे। पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित जिलों और इकाइयों को निर्देश दिया है कि श्रावणी मेला ड्यूटी पर भेजे जाने वाले पुलिसकर्मियों की पूरी सूची, उनके मोबाइल नंबर सहित, 20 जुलाई 2026 तक दुमका जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी जाए। दुमका के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया गया है कि बाहर से आने वाले सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों के लिए रहने, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समय पर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वे अपनी ड्यूटी बेहतर ढंग से निभा सकें। झारखंड पुलिस का कहना है कि इस बार श्रावणी मेला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिले तथा पूरा मेला शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो। Post navigation CBI जांच की मांग को लेकर भाजपा हुई मुखर, हिमांशु सिंह के पिता भी पहुंचे राज्यपाल से मिलने