सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार से उन्हें तुरंत बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की लगातार डॉक्टरों की निगरानी में देखभाल होनी चाहिए, ताकि उनकी सेहत को कोई गंभीर खतरा न हो। इरफान अंसारी ने केंद्र से की बेहतर इलाज की मांग, राहुल गांधी से भी हस्तक्षेप की अपील शनिवार को डॉ. इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक के खिलाफ सोनम वांगचुक का आंदोलन देश के लाखों छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को बचाने की एक लोकतांत्रिक पहल है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और उनकी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से अपील की कि सोनम वांगचुक को तुरंत बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन के दौरान किसी व्यक्ति की जान को खतरे में नहीं पड़ने देना चाहिए। इसी के साथ डॉ. इरफान अंसारी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए सभी को आगे आना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री ने खुद सोनम वांगचुक से भी आग्रह किया कि उनका जीवन देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपील की कि वे अपना अनशन समाप्त करें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, ताकि भविष्य में भी समाज और देश के लिए काम करते रहें। सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे जयराम महतो, बोले- अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी वहीं, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के विधायक जयराम महतो भी सोनम वांगचुक के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने लोगों से इस मुद्दे पर जागरूक होने और अपनी आवाज उठाने की अपील की। जयराम महतो ने कहा कि आज अन्याय के खिलाफ बोलना जरूरी है। अगर लोग चुप रहेंगे, तो भविष्य में समाज को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है। बता दें कि कुछ दिन पहले जयराम महतो दिल्ली के जंतर-मंतर स्थित अनशन स्थल भी पहुंचे थे। वहां उन्होंने सोनम वांगचुक के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित किया था। उस दौरान उन्होंने वांगचुक के आंदोलन को पूरी तरह लोकतांत्रिक बताते हुए कहा था कि छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। Post navigation 20 दिन के उपवास के बाद कमजोर पड़े सोनम वांगचुक, डॉक्टरों की निगरानी में इलाज शुरू