झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स लिमिटेड के बीच इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR), जमशेदपुर की स्थापना के लिए हुए समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षर समारोह में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान झारखंड के परिवहन क्षेत्र के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल है। इससे युवाओं को आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण मिलेगा, सड़क सुरक्षा मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि टाटा मोटर्स के सहयोग से बनने वाला यह संस्थान आधुनिक तकनीक से लैस होगा, जहां युवाओं को व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे प्रशिक्षित चालक तैयार होंगे और उन्हें देश-विदेश में भी रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लाभुकों से की बात कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पलामू, सरायकेला-खरसावां, धनबाद सहित कई जिलों के लाभुकों से सीधे बातचीत की। उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस और लर्निंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया की जानकारी ली और लोगों से पूछा कि आवेदन करने में उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों को लाइसेंस बनवाने में अनावश्यक दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने खास तौर पर हेवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को और अधिक आसान, पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाने पर जोर दिया। साथ ही सभी जिलों के उपायुक्तों को लंबित आवेदनों की समीक्षा कर उनका जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया। महिलाओं को मिलेगा बराबर मौका मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण, लर्निंग लाइसेंस और ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को और अधिक आसान बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे परिवहन क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें। सड़क सुरक्षा और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा मुख्यमंत्री ने कहा कि IDTR की स्थापना केवल ड्राइविंग प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे सड़क दुर्घटनाओं को कम करने, सड़क सुरक्षा बढ़ाने और परिवहन क्षेत्र में अनुसंधान व नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को शुरू करने के लिए वे पिछले कई वर्षों से प्रयास कर रहे थे और अब इसका साकार होना झारखंड के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान राज्य के युवाओं के कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और उन्हें बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने में मदद करेंगे। लाइसेंस प्रक्रिया होगी आसान और पारदर्शी मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस जितनी सरल और पारदर्शी प्रक्रिया से मिलेगा, उतना ही आम लोगों को लाभ होगा। उन्होंने बताया कि आज राज्य के 10 हजार से अधिक लोगों को ड्राइविंग और लर्निंग लाइसेंस उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि टाटा मोटर्स के सहयोग से विकसित व्यवस्था की तरह हेवी व्हीकल लाइसेंस की प्रक्रिया भी पूरी तरह पारदर्शी और सरल बनाई जाए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके। लंबित आवेदनों का जल्द होगा निपटारा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ड्राइविंग लाइसेंस और लर्निंग लाइसेंस से जुड़े सभी लंबित आवेदनों का जल्द और पारदर्शी तरीके से निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा कि हर पात्र आवेदक को तय समय के भीतर लाइसेंस मिलना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि परिवहन विभाग के लगातार प्रयासों से लोगों को बेहतर, तेज और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी तथा झारखंड में परिवहन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। कार्यक्रम में मंत्री दीपक बिरुआ, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, सचिव राजीव रंजन, परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा, टाटा मोटर्स के प्लांट हेड अनुराग छारिया, जनरल मैनेजर गोलम मंडल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। Post navigation झारखंड: 15 लाख का इनामी संतोष समेत 16 नक्सलियों ने पुलिस के सामने डाले हथियार