सुख-समृद्धि और खुशहाली का संदेश लेकर इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आने वाली हैं। शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी। नवरात्र को लेकर शहर के मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिरों की साफ-सफाई, सजावट और विशेष पूजा की तैयारियां की जा रही हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस वार को नवरात्र की शुरुआत होती है, उसी के आधार पर मां दुर्गा के आगमन के वाहन का निर्धारण किया जाता है। इस बार नवरात्र रविवार से शुरू हो रहा है, इसलिए मां दुर्गा का वाहन हाथी माना गया है। धार्मिक मान्यता में हाथी को सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा, कृषि उन्नति और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। घटस्थापना के साथ शुरू होगी पूजा, इस बार 10 दिन का होगा नवरात्र 11 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि पर घटस्थापना के साथ नवरात्र की शुरुआत होगी। पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाएगी। इसके बाद क्रमशः मां ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी और कालरात्रि की आराधना होगी। नवरात्र के दौरान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इस वर्ष तिथियों की विशेष स्थिति के कारण नवरात्र नौ दिन के बजाय 10 दिन का होगा। इसकी मुख्य वजह सप्तमी तिथि का दो दिन होना है। 17 अक्टूबर को सप्तमी तिथि पूरे दिन रहेगी, जबकि 18 अक्टूबर को सूर्योदय के समय भी सप्तमी तिथि रहेगी और सुबह 10:53 बजे तक चलेगी। इसके बाद 19 अक्टूबर को दोपहर 12:52 बजे तक अष्टमी रहेगी और फिर नवमी तिथि शुरू होगी। 20 अक्टूबर को दोपहर 12:27 बजे तक नवमी रहेगी। इसके बाद दशहरा पूजन किया जाएगा और मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भी होगा। नवरात्र को लेकर शहर के अलग-अलग मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। मंदिरों को सजाने के साथ पूजा सामग्री की व्यवस्था की जा रही है। नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, धार्मिक मान्यताओं में मां दुर्गा के वाहन का विशेष महत्व माना जाता है। इस बार हाथी पर मां का आगमन शुभ संकेत माना जा रहा है। मान्यता है कि इससे अच्छी बारिश, कृषि में समृद्धि और लोगों के जीवन में सुख-शांति एवं खुशहाली आती है।