झारखंड लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में कथित अनियमितताओं को लेकर बुधवार को राजधानी रांची में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। भारतीय जनता युवा मोर्चा के हजारों कार्यकर्ताओं ने पहले JPSC कार्यालय का घेराव किया और इसके बाद विरोध मार्च करते हुए कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ गए। इस दौरान कांग्रेस कार्यालय के बाहर भारी हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस और उसके नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल पहले से ही तैनात था। विवाद पर कांग्रेस कार्यालय के बाहर हंगामा, भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्का-मुक्की प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के भीतर प्रवेश करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार से पहले ही रोक दिया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और खींचतान शुरू हो गई। काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। हालांकि पुलिस ने संयम बरतते हुए हालात को नियंत्रित रखा और किसी भी प्रदर्शनकारी को कार्यालय परिसर के अंदर नहीं जाने दिया। प्रदर्शन के दौरान पूरे इलाके में राजनीतिक नारों की गूंज सुनाई देती रही। भाजपा कार्यकर्ता “राहुल गांधी चोर है” और “मोदी-मोदी” के नारे लगा रहे थे। वहीं कांग्रेस समर्थक भी अपनी पार्टी के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से कुछ देर के लिए माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। भाजयुमो का आरोप है कि JPSC की हालिया प्रारंभिक परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। संगठन का कहना है कि इससे राज्य के हजारों मेहनती और योग्य युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। प्रदर्शनकारी परीक्षा परिणाम रद्द करने, पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उनका आरोप है कि JPSC की कार्यप्रणाली पारदर्शी नहीं है और प्रतियोगी छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कांग्रेस का पलटवार, नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया दूसरी ओर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा को पहले केंद्र सरकार से नीट पेपर लीक मामले में जवाब मांगना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देशभर में छात्र नीट परीक्षा को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और भाजपा को पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने कांग्रेस कार्यालय और आसपास के पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया था। बड़ी संख्या में जिला पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया था। पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए रही ताकि किसी भी तरह की हिंसा या अप्रिय घटना को रोका जा सके। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन JPSC परीक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। Post navigation जीते-जी सम्मान नहीं मिला, आंदोलनकारियों की मौत पर छलका दर्द, सरकार से उठी बड़ी मांग