मुन्ना ट्रेवल्स की बस रोकने के बाद हुआ विवाद, कंडक्टर के सिर में लगी चोट; एसपी ने डुमरी एसडीपीओ को सौंपी जांच झारखंड के गिरिडीह जिले में पुलिसकर्मी और यात्री बस के कंडक्टर के बीच विवाद का मामला सामने आया है। दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग पर निमियाघाट थाना क्षेत्र में गढ़वा से कोलकाता जाने वाली मुन्ना ट्रेवल्स की बस के कंडक्टर के साथ कथित मारपीट की गई। इस घटना में निमियाघाट थाने में तैनात सहायक अवर निरीक्षक सत्येंद्र कुमार पर आरोप लगा है। घटना के बाद बस मालिक ने पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद गिरिडीह के एसपी डॉ. बिमल कुमार ने मामले की जांच का जिम्मा डुमरी एसडीपीओ को सौंपा है। घटना को लेकर झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराकर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने और सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। मरांडी ने एसपी की भूमिका की जांच कराने की मांग भी की है। टिकट और सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद, बस आगे ले जाने पर भी जताई नाराजगी जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर को एएसआई सत्येंद्र कुमार के परिवार के सदस्य मुन्ना ट्रेवल्स की बस से गढ़वा से निमियाघाट आ रहे थे। सत्येंद्र कुमार के मुताबिक, उनके परिवार ने यात्रा के लिए 1,600 रुपये का टिकट लिया था। यात्रा के दौरान सीट को लेकर परिवार के सदस्यों और बस एजेंट के बीच विवाद हो गया। एएसआई का आरोप है कि उनके परिवार के लोगों ने सीट को लेकर एजेंट से अनुरोध किया था, लेकिन एजेंट और कंडक्टर ने उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया। उन्होंने फोन पर एजेंट और कंडक्टर से बात भी की, लेकिन इसके बावजूद उनकी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया। सत्येंद्र कुमार के अनुसार, उनके परिवार को सीट के बजाय बेंच पर बैठाकर लाया गया। बताया जाता है कि 11 और 12 अक्टूबर की दरमियानी रात बस निमियाघाट पहुंची, लेकिन निर्धारित स्थान पर नहीं रुकी और आगे निकल गई। इसके बाद एएसआई सत्येंद्र कुमार बस के पीछे पहुंचे और उसे रुकवाया। इसी दौरान बस के कंडक्टर के साथ उनकी कहासुनी हो गई। घटना के बाद बस मालिक ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद एसपी डॉ. बिमल कुमार ने मामले की जांच डुमरी एसडीपीओ आबिद खान को सौंपी। एसडीपीओ ने आरोपी एएसआई सत्येंद्र कुमार से उनका पक्ष भी लिया है।। बाबूलाल मरांडी ने सरकार से मांगा जवाब, पुलिस एसोसिएशन से भी की अपील मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पुलिसकर्मियों के परिजनों से बस का किराया लेना अपराध है। मरांडी ने आरोप लगाया कि पुलिस की कथित मनमानी के कारण एक परिवार पर संकट आ गया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आरोपी एएसआई के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराई जाए, आपराधिक मुकदमा दर्ज हो और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने एसपी की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की। बाबूलाल मरांडी ने पुलिस एसोसिएशन से कहा कि वह आम लोगों के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार और कठोर कार्रवाई के मामलों पर ध्यान दे। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कानून के दायरे में रहकर काम करने की अपील की। Post navigation 17 दिनों तक चला अभियान, 9 एमएम पिस्तौल, 24 कारतूस और 3.90 लाख रुपये नकद जब्त शहीद देवेंद्र मांझी की शहादत के उद्देश्यों को मंजिल तक पहुंचाना हमारा दायित्व – पुष्कर महतो