झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव और आपत्तियां निर्वाचन विभाग के सामने रखीं। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव और प्रदेश महासचिव सूर्यकांत शुक्ला समेत अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का मुख्य फोकस SIR के दौरान सामने आ रहे ऐसे मामलों पर रहा, जिनमें मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है या मतदाता सूची के आंकड़ों में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं। राजनीतिक दलों को दिया गया बूथवार डेटा निर्वाचन विभाग की ओर से नो-मैपिंग और तार्किक विसंगति वाले मामलों की बूथवार सूची का डेटा राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराया गया। यह डेटा पेन ड्राइव के माध्यम से दलों के प्रतिनिधियों को दिया गया, ताकि वे अपने स्तर पर इन मामलों की जांच और समीक्षा कर सकें। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बैठक में SIR की मौजूदा प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुनवाई की अवधि को 60 दिनों तक बढ़ाने का प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेजा गया है। प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय निर्वाचन आयोग की ओर से लिया जाएगा। सुनवाई के बाद चलेगा आउटरीच कार्यक्रम बैठक में बताया गया कि सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए मतदाताओं तक पहुंचकर उन्हें पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी दी जाएगी और जरूरी मामलों में उनकी मदद की जाएगी। निर्वाचन विभाग की ओर से फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 से संबंधित दैनिक डेटा बुलेटिन भी जारी किया जा रहा है। इसके अलावा यह जानकारी बूथ लेवल एजेंट यानी BLA-1 को हर सप्ताह साझा की जा रही है, ताकि राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मतदाता सूची से जुड़े बदलावों और आवेदनों की निगरानी कर सकें। कांग्रेस ने फॉर्म-7 के दुरुपयोग पर जताई चिंता बैठक के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधियों ने फॉर्म-7 के संभावित दुरुपयोग को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की मांग की। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए। पार्टी ने फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाने के लिए आने वाले आवेदनों की कड़ाई से जांच करने की मांग रखी। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने पोड़ैयाहाट विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा एक मामला भी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के संज्ञान में लाया। उन्होंने बताया कि एक जीवित मतदाता का नाम ASDD सूची में शामिल होने का मामला सामने आया है। उन्होंने इस मामले की जांच कराने और आवश्यक सुधार की मांग की। बैठक में निर्वाचन विभाग और राजनीतिक दलों के बीच SIR की प्रक्रिया को लेकर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराए गए डेटा और नियमित बुलेटिन के जरिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर निगरानी रखने की व्यवस्था की गई है। Post navigation पुष्कर महतो का बड़ा ऐलान, आंदोलनकारियों के अधिकारों के लिए आज मशाल जुलूस, कल झारखंड बंद