मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बिजली विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य के हर नागरिक को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिजली आज लोगों की मूलभूत जरूरत बन चुकी है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य में ग्रिड, ट्रांसमिशन लाइन, पावर सब-स्टेशन, ट्रांसफार्मर, स्मार्ट ग्रिड और स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से पूरा किया जाए। अगले 10 से 15 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर बने योजना, खाली पदों पर जल्द हो नियुक्तियां हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग केवल वर्तमान जरूरतों को नहीं, बल्कि अगले 10 से 15 वर्षों की बिजली आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार करे और जल्द सरकार को सौंपे। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अभी से बेहतर योजना बनाना जरूरी है, ताकि आने वाले समय में लोगों को बिजली की कमी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग में इंजीनियरों और अन्य जरूरी पदों पर जल्द नियुक्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर सहित सभी रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए, ताकि विभाग की कार्यक्षमता बढ़े और योजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके। ऊर्जा उत्पादन और भंडारण की संभावनाएं तलाशने के निर्देश हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के जलाशयों और अन्य क्षेत्रों में ऊर्जा उत्पादन तथा ऊर्जा भंडारण की संभावनाओं का अध्ययन कराया जाए। इसके लिए विस्तृत फिजिबिलिटी स्टडी कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि झारखंड में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग कर बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने राज्य में सौर ऊर्जा और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा सरकारी और निजी भवनों पर सोलर सिस्टम लगाने की दिशा में काम किया जाए, ताकि स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा का उपयोग बढ़ सके। हेमंत सोरेन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली उत्पादन की संभावनाओं को बढ़ाया जाए। इसके लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (CMEGP) के साथ मिलाकर नई योजना तैयार करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य में जरूरत के अनुसार नए ग्रिड और पावर सब-स्टेशन स्थापित करने की योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां बिजली की मांग बढ़ रही है, वहां समय रहते आवश्यक ढांचा तैयार किया जाए। हेमंत सोरेन ने कहा कि बिजली ट्रांसमिशन लाइनों में अधिक से अधिक मोनोपोल तकनीक का इस्तेमाल किया जाए। इससे कम जमीन की जरूरत पड़ेगी और परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में भी मदद मिलेगी। शहरों में 100 प्रतिशत स्ट्रीट लाइट जलाने की योजना बने, खराब ट्रांसफार्मर तुरंत बदलने के निर्देश मुख्यमंत्री ने नगर निगमों के साथ समन्वय बनाकर शहरी क्षेत्रों में सभी स्ट्रीट लाइटों के सुचारू संचालन की योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शहरों में हर स्ट्रीट लाइट चालू रहे, इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। हेमंत सोरेन ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यदि कहीं ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना मिलती है तो उसे तय समय सीमा के भीतर तुरंत ठीक किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोगों को लंबे समय तक बिजली संकट झेलने की नौबत नहीं आनी चाहिए और ऐसी शिकायतें स्वीकार नहीं की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बिजली विभाग में डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर अध्ययन करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समय के साथ विभाग में सुधार लाने के लिए नई तकनीकों को अपनाना जरूरी है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत, आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए विभाग के अधिकारियों को कई अन्य महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर घर तक बेहतर और निर्बाध बिजली पहुंचाना है, इसलिए सभी योजनाओं को तय समय पर पूरा किया जाए। Post navigation देवघर में शुरू हुआ विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ACB का बड़ा एक्शन! खूंटी की महिला थाना प्रभारी घूस लेते पकड़ी गईं