अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। इसी बीच अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थित ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केशम द्वीप पर गुप्त तरीके से हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के बाद द्वीप पर कई जोरदार धमाकों की खबर सामने आई है। ईरानी सरकारी मीडिया एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, अमेरिकी हमले के बाद केशम द्वीप पर कई धमाके सुने गए। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों की जानकारी दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका ने इस सैन्य कार्रवाई को बेहद गोपनीय और सीमित रखा था। इसका उद्देश्य यह था कि इन हमलों को ईरान के खिलाफ किसी बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत के रूप में न देखा जाए। हाल के हफ्तों में अमेरिका की ओर से की जा रही सीमित सैन्य कार्रवाइयों का यह भी एक हिस्सा बताया जा रहा है। चुनाव से पहले हुई सैन्य कार्रवाई अमेरिका में मंगलवार को मध्यावधि चुनाव हो रहे हैं। इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ नए सिरे से सैन्य कार्रवाई करने पर विचार करने का आग्रह किया था। हालांकि, अमेरिका की ओर से चुनाव से ठीक पहले ही केशम द्वीप पर हमले किए जाने की खबर सामने आई है। ‘एक्सियोस’ की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी संपर्क, बातचीत की स्थिति और दोबारा सैन्य अभियान शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा की थी। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से संघर्ष जारी है। दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ चुका है, लेकिन इसके बावजूद कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिशें भी जारी हैं। जब ट्रंप से पूछा गया था कि क्या वे मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर हमला करने की योजना बना रहे हैं, तो उन्होंने इससे इनकार किया था। हालांकि, अब केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले की खबर ने क्षेत्र में सैन्य तनाव को लेकर नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं। चीन ने शुरू की शांति की कूटनीतिक पहल अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर संभावित नए हमलों की चर्चाओं के बीच चीन ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सोमवार को चीन की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सैद से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र को बड़ी शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा का मैदान नहीं बनना चाहिए। शी चिनफिंग ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए अरब देशों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। ऐसे में क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी देशों को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने युद्ध रोकने और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का समाधान निकालने में चीन की भूमिका निभाने की इच्छा भी जताई। ईरान, ओमान और सऊदी अरब जाएंगे चीन के विशेष दूत चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए चीन के विशेष दूत झाई जून इसी महीने ईरान, ओमान और सऊदी अरब का दौरा करेंगे। इस दौरान क्षेत्रीय तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं पर बातचीत की जाएगी। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में चीन भी गारंटर की भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में शी चिनफिंग का बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, वर्ष 1978 में चीन और ओमान के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद ओमान के किसी राष्ट्राध्यक्ष की यह पहली चीन यात्रा है। कुल मिलाकर, एक ओर अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं, तो दूसरी ओर चीन क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या क्षेत्र में सैन्य तनाव और गहराता है। Post navigation स्पेन ट्रेन हादसा: ट्रैक पर खड़ी ट्रेन की जानकारी के बावजूद दूसरी ट्रेन को मिली हरी झंडी, 68 की मौत