उड़ान के दौरान विमान पर कब्जे की नाकाम कोशिश, को-पायलट ने की क्रैश कराने की कोशिश फ्लाईदुबई के एक बोइंग 737 विमान में उड़ान के दौरान हुई एक गंभीर घटना का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, विमान के को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर विमान पर कब्जा करने और उसे क्रैश करने की कोशिश की। इस घटना में विमान के कैप्टन स्मित मच्छर पर भी हमला किया गया। इटली के प्रमुख अखबार ‘कोरिएरे डेला सेरा’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी में दावा किया गया है कि हम्मामी की योजना कैप्टन की हत्या करने के बाद विमान को इजरायल के तेल अवीव ले जाने की थी। बताया गया कि वह विमान को तेल अवीव की किसी ऊंची इमारत से टकराकर बड़ा हमला करना चाहता था। कॉकपिट में किया हमला, विमान को क्रैश करने की कोशिश रिपोर्ट के अनुसार, हम्मामी ने अपनी योजना को अंजाम देने के लिए कॉकपिट में नमाज पढ़ने का नाटक किया। इसके बाद उसने पीछे से आकर कैप्टन मच्छर पर हमला कर दिया। हमले में कैप्टन के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उनके हाथ में भी गंभीर चोट लगी। इसके बावजूद कैप्टन ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर मदद के लिए आवाज लगाई। कॉकपिट से आ रही आवाजें सुनकर विमान में मौजूद एक महिला यात्री को कुछ गड़बड़ होने का पता चला। उसने अन्य यात्रियों और ड्यूटी पर मौजूद दो पायलटों को इसकी जानकारी दी। जब कई लोग कॉकपिट की ओर बढ़ने लगे तो हम्मामी को समझ आया कि उसकी योजना सफल नहीं हो पाएगी। इसके बाद उसने कथित तौर पर विमान को रेगिस्तान में ही गिराने की कोशिश की। रिपोर्ट के मुताबिक, उसने ऑटोपायलट बंद कर दिया और विमान के कंट्रोल को नीचे की ओर कर दिया। इसके कारण विमान बहुत तेजी से नीचे जाने लगा। बताया गया कि विमान करीब 30 सेकंड में लगभग 16 हजार फीट नीचे चला गया और उसकी गति 970 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक हो गई। इस तेज डाइव के कारण विमान के पिछले हिस्से को भी नुकसान पहुंचा। जांचकर्ताओं के अनुसार, हम्मामी ने विमान के दोनों इंजनों को बंद करने या उनकी ईंधन आपूर्ति रोकने की भी कोशिश की। इससे विमान के केबिन में आपातकालीन लाइटें जल गईं। यात्री ने संभाला विमान इसके बाद ड्यूटी से बाहर मौजूद दो पायलटों ने कॉकपिट का नियंत्रण संभाल लिया। उन्होंने इंजनों को दोबारा शुरू किया और विमान को स्थिर करने में सफलता हासिल की। बाद में विमान को सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। इस पूरी घटना की जांच की गई और को-पायलट के कथित इरादों तथा विमान में हुई घटनाओं को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने जानकारी जुटाई। यह घटना विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के लिए बेहद खतरनाक स्थिति थी। समय रहते यात्रियों और अन्य पायलटों की सक्रियता से विमान को बचाया जा सका। Post navigation 34 हजार फीट की ऊंचाई से अचानक 16,600 फीट पर आया विमान, फिर भेजा गया हाईजैक कोड – कॉकपिट में आखिर हुआ क्या?