G-6J2VDTQNQL

झारखंड में JSSC-CGL भर्ती परीक्षा को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन को अब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का भी नैतिक समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें JSSC-CGL अभ्यर्थियों की पीड़ा, आक्रोश और भर्ती प्रक्रिया को लेकर उनकी चिंताओं को करीब से देखने का अवसर मिला था।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि आज जो छात्र अपने भविष्य और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, उनकी भावनाओं को वे अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने कहा कि यदि झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन सरकार ने समय रहते छात्रों की शिकायतों पर संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई की होती, तो आज यह स्थिति नहीं बनती। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोप लगातार सामने आते रहे, लेकिन समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण लाखों युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। असम के मुख्यमंत्री ने झारखंड के छात्र-युवाओं के आंदोलन को न्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि वे इस आंदोलन के प्रति अपना नैतिक समर्थन व्यक्त करते हैं। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि छात्रों की जायज मांगों को बिना देरी स्वीकार किया जाए और उन्हें न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विवादों का निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान निकालना चाहिए, ताकि युवाओं का विश्वास बहाल हो सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार जल्द उचित निर्णय लेकर छात्रों की चिंताओं का समाधान करेगी और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *