झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, रांची और अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को अल्बर्ट एक्का चौक स्थित सीपीआई के शहीद बिशुन महतो सभागार में शोक सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान झारखंड आंदोलनकारी स्व. दामु बानरा, उमानाथ कोल, इम्तियाज अंसारी, रवि ठाकुर, जगेश्वर साव, अर्जुन तिर्की, जवाहर पासवान, मणिराम लोहार सहित अन्य दिवंगत आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी गई। सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आंदोलनकारियों को नमन किया। शोक सभा में आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार से मांग की कि मानसून सत्र के दौरान जिला स्तर पर दिवंगत झारखंड आंदोलनकारियों की सूची मंगाई जाए और विधानसभा में शोक प्रस्ताव लाकर उन्हें राजकीय सम्मान दिया जाए। उनका कहना था कि अलग झारखंड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों को उनके योगदान के अनुरूप सम्मान मिलना चाहिए। जीते-जी आंदोलनकारियों को सम्मान दे सरकार : पुष्कर महतो कार्यक्रम में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि जिस तरह आजादी की लड़ाई लड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानियों की संख्या लगातार कम होती गई, उसी तरह झारखंड आंदोलनकारी भी धीरे-धीरे इस दुनिया से विदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को आंदोलनकारियों के निधन के बाद नहीं, बल्कि उनके जीते-जी उन्हें राजकीय सम्मान और पहचान देनी चाहिए। पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों, किसानों, मजदूरों और विस्थापितों को न्याय के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि आंदोलनकारियों की समस्याओं का समाधान किया जाए और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिया जाए। इस अवसर पर केंद्रीय कोषाध्यक्ष सरोजिनी कच्छप, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की अध्यक्ष रोजलीन तिर्की, प्रभारी अंथन लकड़ा, सुबोध कुमार लकड़ा, अमर भेंगरा, सुजीत कुमार राम, अब्दुल खालिक, रंजनी कांडूलना, शीला कच्छप, बेला बलवंती एक्का, रेखा देवी, विरोनिका केरकेट्टा, आनंद एक्का, किशोरी केशरी सहित कई आंदोलनकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिवंगत आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। Post navigation झारखंड आंदोलनकारी उमानाथ कोल की मौत पर पुष्कर महतो का बड़ा बयान, स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल