पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। 2026 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत हासिल कर राज्य की सत्ता पर कब्जा कर लिया है। इस जीत के साथ ही तृणमूल कांग्रेस के 15 साल लंबे शासन का अंत हो गया। अब पूरे देश की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि आखिर पश्चिम बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा। इसी को लेकर आज भाजपा विधायक दल की अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला लिया जायेगा। विधायक दल की आज अहम बैठक, नए मुख्यमंत्री के नाम पर होगा फैसला यह बैठक कोलकाता में शाम चार बजे आयोजित होगी। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहेंगे। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सह-पर्यवेक्षक की भूमिका निभायेंगे। भाजपा के सभी नवनिर्वाचित विधायक इस बैठक में शामिल होंगे और विधायक दल का नेता चुना जायेगा। जो नेता चुना जायेगा, वही पश्चिम बंगाल का नया मुख्यमंत्री बनेगा। इस बार के चुनाव परिणाम ने पूरे देश को चौंका दिया। तृणमूल कांग्रेस, जिसने पिछले चुनाव में 215 सीटें जीती थीं, इस बार केवल 80 सीटों तक सिमट गयी। दूसरी ओर भाजपा, जिसे पिछली बार 77 सीटें मिली थीं, उसने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की। यह पहली बार है जब पश्चिम बंगाल में भाजपा अपने दम पर इतनी बड़ी जीत हासिल कर सरकार बनाने जा रही है। भाजपा की इस जीत को केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। लंबे समय से ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस का राज्य की राजनीति पर मजबूत कब्जा था। लेकिन इस बार जनता ने बदलाव के पक्ष में वोट दिया। भाजपा ने चुनाव के दौरान भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, हिंसा और विकास जैसे मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया था। इसका असर चुनाव नतीजों में साफ दिखाई दिया। अमित शाह की मौजूदगी में चुना जायेगा पश्चिम बंगाल का नया मुख्यमंत्री अब सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। शुभेंदु अधिकारी पहले तृणमूल कांग्रेस में थे और ममता बनर्जी के बेहद करीबी नेताओं में गिने जाते थे। बाद में वे भाजपा में शामिल हो गये। भाजपा ने इस चुनाव में उन्हें ममता बनर्जी के खिलाफ भवानीपुर सीट से उम्मीदवार बनाया था। इससे पहले वे नंदीग्राम में भी ममता को हरा चुके थे। इस बार भी चुनाव में शुभेंदु अधिकारी को बड़ी जीत मिली और उनकी राजनीतिक ताकत और बढ़ गयी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ममता बनर्जी को दो बार हराने का इनाम शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद के रूप में मिल सकता है। लेकिन इसके साथ एक बड़ा सवाल भी उठ रहा है। भाजपा और संघ के पुराने कार्यकर्ता क्या इतनी आसानी से एक ऐसे नेता को मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार करेंगे, जो पहले तृणमूल कांग्रेस में था। हालांकि भाजपा में पहले भी दूसरे दलों से आये नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी मिल चुकी है। असम में हिमंत बिस्वा सरमा इसका बड़ा उदाहरण हैं। वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आये और बाद में मुख्यमंत्री बने। इसी तरह बिहार में सम्राट चौधरी भी पहले अलग दलों में रहे और बाद में भाजपा के मुख्यमंत्री बने। इसलिए यह माना जा रहा है कि भाजपा अगर चाहे तो शुभेंदु अधिकारी को भी मुख्यमंत्री बना सकती है। मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चौंकाने वाले फैसले करती रही है भाजपा हालांकि भाजपा अक्सर मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चौंकाने वाले फैसले करती रही है। चुनाव के समय जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा होती है, कई बार पार्टी अंतिम समय में किसी दूसरे चेहरे को आगे कर देती है। इसलिए बंगाल में भी कोई नया नाम सामने आ जाये तो हैरानी नहीं होगी। इस बार एक और चर्चा तेजी से चल रही है कि भाजपा पश्चिम बंगाल में महिला मुख्यमंत्री का चेहरा सामने ला सकती है। चुनाव के दौरान भाजपा ने महिला वोटरों पर खास ध्यान दिया था। पार्टी ने महिला आरक्षण और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। चुनाव में महिलाओं ने बड़ी संख्या में मतदान भी किया। ऐसे में भाजपा महिला वोटरों को बड़ा संदेश देने के लिए किसी महिला नेता को मुख्यमंत्री बना सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर भाजपा बंगाल में महिला मुख्यमंत्री बनाती है, तो इसका असर आने वाले कई राज्यों के चुनाव पर पड़ सकता है। अगले साल उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गुजरात, गोवा, हिमाचल प्रदेश और मणिपुर जैसे राज्यों में चुनाव होने हैं। ऐसे में महिला मुख्यमंत्री का चेहरा भाजपा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ा राजनीतिक संदेश बन सकता है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने पहले ही घोषणा कर दी है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह नौ मई को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जायेगा। यह कार्यक्रम बेहद भव्य होने वाला है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के साथ करीब दो दर्जन मंत्री भी शपथ लेंगे। पश्चिम बंगाल की राजनीति एक नये दौर में प्रवेश कर चुकी है। तृणमूल कांग्रेस के लंबे शासन के बाद भाजपा की सरकार बनने जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आखिर भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु अधिकारी पर भरोसा करती है या फिर कोई नया चेहरा सामने लाकर एक बार फिर सबको चौंका देती है। Post navigation Political Crisis Deepens in Two States as Bengal Faces Violence and Tamil Nadu Faces Uncertainty बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव, शुभेंदु अधिकारी बने मुख्यमंत्री