राजधानी रांची के गोंदा थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब कांके रोड स्थित रॉक गार्डन के पास एक युवक का कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया। घटना दोपहर करीब 1:30 से 1:45 बजे के बीच की बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही गोंदा थाना पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने शहर के प्रमुख रास्तों पर नाकेबंदी कर करीब दो घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त की है। शुरुआती पूछताछ में मामला सीसीएल में कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी लगवाने के नाम पर हुए पैसों के लेन-देन के विवाद से जुड़ा सामने आया है। नौकरी लगवाने के नाम पर 1.20 लाख रुपये लेने का आरोप अपहृत युवक की पहचान कांके रोड निवासी मोहित कुमार सिन्हा के रूप में हुई है। मोहित सीसीएल में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर काम करता है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, मोहित पर सीसीएल में कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी लगवाने के नाम पर कुल 1.20 लाख रुपये लेने का आरोप है। बताया गया कि इसमें से मोहित ने 20 हजार रुपये वापस कर दिए थे, जबकि एक लाख रुपये बाकी थे। इसी बकाया रकम को लेकर मोहित और आरोपियों के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते आरोपियों ने मोहित को जबरन अपने साथ ले जाने की योजना बनाई। दोस्त के साथ बाइक से लौट रहा था मोहित बताया गया है कि घटना के समय मोहित अपने दोस्त के साथ बाइक से लालपुर की ओर से अपने घर लौट रहा था। दोनों जब कांके रोड स्थित रॉक गार्डन के पास पहुंचे, तभी वहां पहले से मौजूद तीन युवकों ने उनकी बाइक रुकवा ली। युवकों ने मोहित को बाइक से जबरन उतार लिया और अपने साथ ले जाने लगे। यह देखकर उसके दोस्त अमन ने विरोध किया और युवकों से मोहित को ले जाने का कारण पूछा। इस पर आरोपियों ने बकाया पैसों का मामला बताते हुए मोहित को अपने साथ ले जाने की बात कही। अमन ने आरोपियों से कहा कि यदि पैसों को लेकर कोई विवाद है तो इसे घर या थाने में बैठकर बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है। हालांकि, आरोपियों ने उसकी बात नहीं मानी और मोहित को जबरन अपने साथ लेकर वहां से चले गए। शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की नाकेबंदी घटना की जानकारी मिलने के बाद गोंदा थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने रांची शहर से बाहर निकलने वाले प्रमुख रास्तों पर नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। पुलिस को आरोपियों के वाहन के बारे में जानकारी और अर्टिगा कार का नंबर मिलने के बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई। इसी दौरान पुलिस ने रिंग रोड के पास संदिग्ध अर्टिगा कार को घेर लिया। कार को रोककर पुलिस ने उसमें सवार पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही मोहित को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस कर रही है आरोपियों से पूछताछ पुलिस ने अर्टिगा कार को जब्त कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अपहरण की योजना कैसे बनाई गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। प्रारंभिक जांच में मामला नौकरी के नाम पर लिए गए पैसों और एक लाख रुपये के कथित बकाया को लेकर हुए विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। Post navigation हाईकोर्ट का बड़ा आदेश – HEC बाईपास में फिलहाल नहीं गरजेगा बुलडोजर अपर बाजार में चोरों का धावा, कई दुकानों में सेंधमारी से कारोबारियों में आक्रोश