झारखंड में JSSC-CGL परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। रांची में JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े छात्रों ने राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। छात्रों ने JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर 18 अगस्त तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो वे 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। छात्रों ने यह भी कहा है कि वे मुख्यमंत्री आवास के पास डेरा डालकर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करेंगे। मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा,सभी जिलों में पुतला दहन का ऐलान आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए छात्रों ने झारखंड के सभी जिलों में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। छात्रों के अनुसार, 17 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया जाएगा। छात्रों का आरोप है कि JSSC-CGL परीक्षा से जुड़े विवाद को लेकर सरकार ने उनकी मांगों पर अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं की है। इसी कारण आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है। JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग भी की है। मंच का कहना है कि छात्रों की समस्याओं और परीक्षा से जुड़े विवादों का समाधान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। छात्रों ने साफ कहा है कि केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। वे परीक्षा रद्द करने और मामले की CBI जांच की मांग पर कायम हैं। राहुल गांधी को भी दी चेतावनी, 20 अगस्त को बड़ा प्रदर्शन छात्रों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया है। मंच की ओर से कहा गया है कि राहुल गांधी राज्य सरकार से अपना समर्थन वापस लेने के लिए कांग्रेस नेतृत्व पर दबाव बनाएं। यदि ऐसा नहीं होता है, तो छात्रों ने कांग्रेस के खिलाफ भी बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। छात्र नेताओं के मुताबिक, 18 अगस्त तक मांगें पूरी नहीं होने पर 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्रों के रांची पहुंचने की बात कही गई है। अब सबकी नजर सरकार की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है। अगर सरकार छात्रों की मांगों पर कोई निर्णय नहीं लेती है, तो 20 अगस्त का प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव झारखंड में छात्र आंदोलन का बड़ा केंद्र बन सकता है। Post navigation खनिज संशोधन पर भाजपा बताए, झारखंड के अधिकार पर दिल्ली का पहरा क्यों – विनोद कुमार पांडेय