जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। प्रशासन की ओर से नाबालिगों के वाहन चलाने, स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को ले जाने वाले वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी वाहनों की अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के दौरान डीपीएस, केराली स्कूल समेत कई स्कूलों के बाहर वाहनों की जांच की गई। जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने स्कूलों के आसपास विशेष जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान कई नाबालिग दोपहिया वाहन चलाते हुए पाए गए। इन बच्चों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। अभियान के दौरान कुल 30 नाबालिगों को चेतावनी देकर छोड़ा गया, जबकि 5 वाहनों को जब्त किया गया। अधिकारियों ने बच्चों को समझाया कि बिना लाइसेंस वाहन चलाना कानून का उल्लंघन है। कम उम्र में वाहन चलाने से न केवल बच्चे की जान को खतरा हो सकता है, बल्कि सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों के लिए भी दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन की टीम ने नाबालिगों के अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं दें। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए अभिभावकों की जिम्मेदारी भी बेहद महत्वपूर्ण है। कम उम्र में वाहन चलाने की बजाय बच्चों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक करना जरूरी है। स्कूल वैन में क्षमता से ज्यादा बच्चे मिलने पर कार्रवाई जांच अभियान के दौरान स्कूलों में बच्चों को लाने और ले जाने वाले वाहनों की भी जांच की गई। इस दौरान कुछ ऐसे वाहन मिले, जिनमें उनकी निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को बैठाया गया था। जांच में सामने आया कि पांच सीट वाले कुछ वाहनों में 12 से 14 बच्चों तक को बैठाकर स्कूल ले जाया जा रहा था। प्रशासन ने ऐसे वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी कि वे किसी भी स्थिति में वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बैठाएं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने के दौरान उनकी सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। क्षमता से अधिक बच्चों को एक वाहन में बैठाने से दुर्घटना की स्थिति में बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों से भी अपील की है कि बच्चों को स्कूल भेजते समय वाहन की स्थिति और उसमें बैठने वाले बच्चों की संख्या पर ध्यान दें। स्कूल प्रबंधन को भी यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि बच्चों के परिवहन में सुरक्षा नियमों का पालन हो। बुण्डू टोल प्लाजा के पास भी कार्रवाई सड़क सुरक्षा अभियान के तहत बुण्डू टोल प्लाजा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी जांच की गई। यहां सड़क किनारे भारी वाहनों की अनधिकृत पार्किंग की जांच की गई। अधिकारियों ने पाया कि सड़क पर गलत तरीके से वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है। टीम ने ऐसे वाहन चालकों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनधिकृत रूप से वाहन खड़ा नहीं करने की हिदायत दी। साथ ही सभी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सड़क पर दूसरे वाहनों की आवाजाही में बाधा नहीं डालने को कहा गया। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नाबालिगों के वाहन चलाने, स्कूल वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ आगे भी नियमित जांच और कार्रवाई जारी रहेगी। इस अभियान में मोटर वाहन निरीक्षक बिमल किशोर, सड़क सुरक्षा अभियंता गौरव कुमार, संबंधित यातायात थाना प्रभारी समेत परिवहन और यातायात विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की जांच का मुख्य उद्देश्य जुर्माना या कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और दुर्घटनाओं को रोकना भी है। Post navigation रांची में भारत-वेस्टइंडीज मैच के टिकट की कीमत घोषित, 1600 से 18 हजार रुपये तक होगा दाम