झमाझम बारिश के बीच बुधवार को चंद्रपुरा पंचायत सचिवालय के पास झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की ओर से झारखंड अलग राज्य आंदोलन के प्रमुख नेता स्व. विनोद बिहारी महतो की 123वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान आंदोलनकारियों ने उनके बताए रास्ते पर चलने और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान आंदोलनकारियों ने ‘विनोद बिहारी महतो अमर रहें’ और ‘विनोद बिहारी महतो के अरमानों को मंजिल तक पहुंचाएंगे’ जैसे नारे लगाए। वक्ताओं ने कहा कि विनोद बिहारी महतो ने झारखंड के लोगों, किसानों और विस्थापितों के अधिकारों के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। आंदोलनकारियों को सम्मान देने की मांग कार्यक्रम में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की ओर से सरकार से झारखंड आंदोलन से जुड़े नेताओं और आंदोलनकारियों को उचित सम्मान देने की मांग की गई। मोर्चा ने स्व. विनोद बिहारी महतो के साथ एके राय, दिशोम गुरु शिबू सोरेन, शहीद निर्मल महतो, एनई होरो, सीपी तिर्की, मंजूर अहमद खान, लाल रणविजय नाथ शाहदेव, सदानंद झा और सोबरन अंसारी समेत अन्य आंदोलनकारियों को सम्मानित करने की मांग रखी। आंदोलनकारियों ने कहा कि झारखंड आंदोलन से जुड़े लोगों को सरकारी स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए। साथ ही उनके लिए रोजगार, नौकरी और पेंशन जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई। ‘पढ़ो और लड़ो’ के संदेश को आगे बढ़ाने की बात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के लिए संघर्ष और बलिदान देने वाले कई लोग आज भी कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने स्व. विनोद बिहारी महतो के ‘पढ़ो और लड़ो’ के संदेश को दोहराते हुए कहा कि उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। पुष्कर महतो ने राज्य सरकार की नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि आंदोलनकारियों में कई मुद्दों को लेकर नाराजगी है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी अपने सम्मान और अधिकारों के लिए आगे भी संघर्ष करेंगे। 29 सितंबर को मशाल जुलूस, 30 को बंद का ऐलान मोर्चा की कार्यकारी अध्यक्ष रोजलीन तिर्की ने कहा कि विनोद बिहारी महतो झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल थे। उन्होंने झारखंड की पहचान, सम्मान और स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि विनोद बिहारी महतो के सपनों को आगे बढ़ाने के लिए 29 सितंबर को मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद 30 सितंबर को झारखंड बंद का आह्वान किया गया है। मोर्चा की केंद्रीय उपाध्यक्ष सविता देवी ने कहा कि विनोद बिहारी महतो संघर्ष और अधिकारों की आवाज थे। उन्होंने कहा कि किसानों, विस्थापितों और आंदोलनकारियों के अधिकारों के लिए संगठन का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। कई लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में मुख्य रूप से मंजू देवी, रुना देवी, बेली देवी, सरोती देवी, चारु देवी, तील्लू देवी, भोला महतो, जानानी देवी, सानी देवी समेत बड़ी संख्या में आंदोलनकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। बारिश के बावजूद लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया और विनोद बिहारी महतो को श्रद्धांजलि दी। Post navigation तमाड़ हाईवे पर खौफनाक हादसा, एक के बाद एक भिड़े तीन ट्रक – 6 घंटे फंसा रहा चालक विनोद बिहारी महतो के सपनों को पूरा करने के लिए 29 को मशाल जुलूस, 30 को झारखंड बंद