मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के छोटे से कस्बे बैहर से निकलकर हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने वाले दिग्गज अभिनेता मुश्ताख खान का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। पिछले करीब 15 दिनों से उनका मुंबई के नानावटी अस्पताल में इलाज चल रहा था। करीब पांच साल पहले उन्हें कैंसर की बीमारी का पता चला था। हाल ही में बीमारी दोबारा उभरने के बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मुश्ताख खान के निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। वहीं, उनके पैतृक नगर बैहर और पूरे बालाघाट जिले में भी लोग गमगीन हैं। छोटे से कस्बे से निकलकर फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले मुश्ताख खान ने लंबे समय तक फिल्मों में काम किया और अपने अभिनय से दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। मुश्ताख खान का जन्म बालाघाट जिले के बैहर में एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में हुआ था। दर्शकों के बीच काफी चर्चित हुआ – ‘मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था…’ बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था। आगे चलकर उन्होंने इसी रुचि को अपना करियर बनाया और हिंदी सिनेमा में कदम रखा। अपने अभिनय के साथ-साथ उन्होंने कई फिल्मों में यादगार किरदार निभाए, जिन्हें दर्शकों ने पसंद किया। फिल्म ‘वेलकम’ में उनके एक संवाद ने उन्हें खास तौर पर लोकप्रिय बनाया। नाना पाटेकर और अक्षय कुमार की मुख्य भूमिकाओं वाली इस फिल्म में उनका डायलॉग ‘मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था…’ दर्शकों के बीच काफी चर्चित हुआ। इस संवाद और उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है। मुश्ताख खान का परिवार लंबे समय से होटल कारोबार से जुड़ा हुआ है। बैहर में उनका पारिवारिक होटल ‘एमके होटल’ के नाम से जाना जाता है। फिल्मी दुनिया में पहचान बनाने के बावजूद उनका अपने पैतृक नगर से जुड़ाव बना रहा। वह समय-समय पर बैहर आते थे और स्थानीय लोगों से मुलाकात भी करते थे। यही वजह थी कि क्षेत्र के लोगों के बीच भी उनकी खास पहचान और अपनापन बना रहा। राजपाल यादव ने बताया आखिरी मुलाकात का किस्सा मुश्ताख खान के निधन की खबर ने अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव को भी गहरा सदमा दिया। राजपाल यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर मुश्ताख खान को याद किया और अपनी आखिरी मुलाकात के बारे में बताया। राजपाल यादव ने बताया कि मुश्ताख खान के निधन से महज दो घंटे पहले ही वह उनसे मिले थे। उन्होंने कहा कि उस दौरान दोनों के बीच बातचीत हुई थी। मुश्ताख खान ने उन्हें देखकर हाथ मिलाया और उनकी पूरी बातचीत सुनी। राजपाल यादव के मुताबिक, मुश्ताख खान बातचीत के दौरान उनकी बातों पर प्रतिक्रिया भी दे रहे थे। राजपाल यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उन्हें अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि जिस व्यक्ति से उन्होंने कुछ घंटे पहले मुलाकात की थी और हाथ मिलाया था, वह अब उनके बीच नहीं है। उन्होंने कहा कि इंसान नियति के सामने कुछ नहीं कर सकता। राजपाल यादव ने मुश्ताख खान को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्हें उनके काम और अभिनय के लिए हमेशा याद किया जाएगा। बैहर में शोक का माहौल मुश्ताख खान के निधन की खबर मिलते ही उनके पैतृक नगर बैहर में शोक का माहौल बन गया। उनके परिचितों, प्रशंसकों और स्थानीय लोगों ने उनके निधन पर दुख जताया। लोगों का कहना है कि छोटे से कस्बे से निकलकर मुंबई की फिल्मी दुनिया में अपनी पहचान बनाना मुश्ताख खान की बड़ी उपलब्धि थी। बैहर विधायक ने भी मुश्ताख खान के निधन पर शोक जताया। उन्होंने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि मुश्ताख खान एक बेहतरीन कलाकार थे। उन्होंने बालाघाट जैसे छोटे जिले से निकलकर अपनी अदाकारी के दम पर बॉलीवुड में पहचान बनाई और बैहर तथा पूरे बालाघाट जिले का नाम रोशन किया। मुश्ताख खान के निधन से उनके परिवार, दोस्तों, फिल्मी साथियों और चाहने वालों में शोक है। उनके निधन के साथ ही हिंदी सिनेमा का एक ऐसा कलाकार दुनिया से चला गया, जिसने छोटे से कस्बे से निकलकर अपनी मेहनत और अभिनय के दम पर फिल्मी दुनिया में खास पहचान बनाई। Post navigation पिता की हत्या, घर की चाबी और 6 लाख की सुपारी… दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बेटे ने कबूला गुनाह! गाजियाबाद में 12वीं मंजिल से गिरकर 14 वर्षीय छात्रा की मौत, दो दिन पहले ही जीता था नेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल