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दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच में पुलिस के सामने चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, मृतक के बेटे सुब्रत ने बुधवार देर रात करीब ढाई बजे पूछताछ के दौरान अपने पिता की हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की। पुलिस का दावा है कि सुब्रत ने ही हत्या के आरोपी विशाल को घर की चाबी दी थी और पिता की हत्या करने के लिए उसे तकिए से मुंह दबाने की बात कही थी। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सुब्रत ने बताया कि उस पर करीब 40 से 50 लाख रुपये का कर्ज था। उसे हर महीने की किस्त चुकानी पड़ती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कर्ज और आर्थिक दबाव का हत्या की साजिश से क्या संबंध था। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सुब्रत ने अपने पिता के चरित्र को लेकर भी आपत्ति जताई। उसने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि उसे डर था कि किसी महिला के गर्भवती होने की स्थिति में पिता की संपत्ति का बंटवारा करना पड़ सकता है। पुलिस का कहना है कि इसी सोच के चलते सुब्रत ने अपने नौकर के साथ मिलकर करीब तीन महीने पहले हत्या की योजना बनाई थी। जांच में यह भी सामने आया कि पुलिस के अनुसार विशाल ने एक गुमटी से घर की डुप्लीकेट चाबी बनवाई थी। घटना से पहले सुब्रत ने उसे घर की असली चाबी दे दी, जबकि डुप्लीकेट चाबी अपने पास रख ली थी। पुलिस के मुताबिक, सुब्रत की योजना यह थी कि हत्या के बाद शक उसके पिता के भाई पर जाए और साजिश का आरोप कारोबारी के भाई पर लगाया जा सके। हालांकि, पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के बाद मामले की दिशा बदल गई।

मामले में पूछताछ के दौरान शालू ने पुलिस से सुब्रत को छोड़ने की अपील की थी। पुलिस के अनुसार, कस्टडी रिमांड के दौरान रात में शालू ने कहा था कि वह जेल जाने को तैयार है और सुब्रत को जाने दिया जाए। हालांकि, पुलिस की अब तक की जांच में शालू की भूमिका सामने नहीं आई है। पुलिस के अनुसार, उसे इस मामले में बेकसूर माना जा रहा है और कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट भेजने की तैयारी है। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए पहले से विस्तृत तैयारी की थी। थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी और जांच अधिकारी समेत छह पुलिसकर्मियों की टीम ने करीब 200 सवाल तैयार किए थे। इन सवालों में हत्या से पहले आरोपियों के बीच संपर्क, मोबाइल लोकेशन, फोन पर बातचीत, पैसों के लेनदेन, फ्लैट में आने-जाने और घटना के बाद की गतिविधियों से जुड़े सवाल शामिल थे। पुलिस ने पूछताछ के दौरान आरोपियों के बयानों को जांच में मिले अन्य तथ्यों और तकनीकी साक्ष्यों से मिलाने की कोशिश की। पुलिस का उद्देश्य यह पता लगाना था कि हत्या की योजना कब बनी, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने क्या-क्या किया। इस हत्याकांड की जांच में बुधवार को उस समय बड़ा मोड़ आया, जब रिमांड के दौरान आरोपी विशाल के बयान ने मामले की दिशा बदल दी। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद विशाल ने पहले शालू का नाम लिया था और हत्या के बदले छह लाख रुपये दिए जाने की बात कही थी।हालांकि, रिमांड के दौरान विशाल ने पुलिस को अलग जानकारी दी। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने सुब्रत से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने सुब्रत को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि बुधवार देर रात करीब ढाई बजे सुब्रत ने अपने पिता की हत्या की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की।

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