लातेहार जिले में एक आदिवासी महिला के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में कार्रवाई हुई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए लातेहार के एसपी कुमार गौरव ने बारियातू थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास और सिपाही मनीष राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही मामले की पूरी जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि महिला के साथ कथित तौर पर क्या हुआ, घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका रही। इस मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली और थाने में पूछताछ के दौरान लोगों के साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने संबंधित थाना प्रभारी और सिपाही को निलंबित करते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूछताछ के लिए महिला को बुलाया गया था थाने मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की एक टीम अफीम के अवैध कारोबार से जुड़े मामले की जांच कर रही थी। इसी सिलसिले में आदिवासी महिला को पूछताछ के लिए बारियातू थाने बुलाया गया था। आरोप है कि थाने में महिला के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया। मामला सामने आने के बाद इसकी जानकारी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची, जिसके बाद कार्रवाई की गई। हालांकि, महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार किन परिस्थितियों में हुआ और घटना के समय थाने में क्या-क्या हुआ, इसे लेकर विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस प्रशासन की ओर से गठित कमेटी इन सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी। जांच का उद्देश्य घटना की वास्तविक स्थिति का पता लगाना और जिम्मेदारी तय करना है। एसपी कुमार गौरव ने थाना प्रभारी और सिपाही को किया निलंबित मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी कुमार गौरव ने बारियातू थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास और सिपाही मनीष राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है। निलंबन की कार्रवाई के साथ ही मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस विभाग में किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य संबंधित मामले में उसकी भूमिका की जांच करना और तथ्यों के आधार पर आगे का निर्णय लेना होता है। इस मामले में भी जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। बालूमाथ एसडीपीओ और महिला थाना प्रभारी करेंगे जांच मामले की जांच के लिए बालूमाथ एसडीपीओ और महिला थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेगी। महिला को थाने बुलाए जाने के कारण, पूछताछ के दौरान हुई घटनाओं और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जाएगी। कमेटी यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि महिला के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की शिकायत से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होती है या नहीं। जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस प्रशासन के लिए इस मामले में निष्पक्ष जांच करना महत्वपूर्ण होगा, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी लिया संज्ञान आदिवासी महिला के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस पर संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने लातेहार पुलिस को तत्काल जांच करने और उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस तरह की स्थिति किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मामले में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एसपी की ओर से थाना प्रभारी और सिपाही को निलंबित किया गया है, जबकि जांच के लिए अलग से कमेटी बनाई गई है। अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर यह तय होगा कि घटना के लिए कौन जिम्मेदार है और आगे क्या कार्रवाई की जानी चाहिए। Post navigation नम आंखों से रूपी सोरेन को अंतिम विदाई, नेमरा में उमड़ा जनसैलाब