टायर दुकान से 26 टायर, नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर हुए थे फरार, चोरी में इस्तेमाल टाटा मैजिक भी जब्त; अड़की में कोचिंग सेंटर और घर को भी बनाया था निशाना रांची जिले के बुंडू में टायर दुकान में हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चोरी की इस घटना का खुलासा करते हुए कथित मुख्य सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अड़की थाना क्षेत्र के जंगल से चोरी के टायर बरामद किए हैं। इसके अलावा चोरी में इस्तेमाल की गई लाल रंग की टाटा मैजिक गाड़ी भी जब्त की गई है। पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपी अड़की क्षेत्र में एक कोचिंग सेंटर और एक घर में चोरी की घटना को अंजाम दे चुके हैं। घटना 1 अक्टूबर 2026 की रात की है। बुंडू थाना क्षेत्र के बिरसा मोड़ के पास स्थित टायर कॉर्नर दुकान में अज्ञात चोरों ने धावा बोला था। चोर दुकान से 26 पीस ओपोलो टायर, एक इन्वर्टर, एक बैटरी, करीब 30 से 40 हजार रुपये नकद और सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर चोरी कर ले गए थे। दुकान में हुई इस बड़ी चोरी के बाद बुंडू थाना में 2 अक्टूबर को कांड संख्या 61/26 दर्ज किया गया था। तकनीकी जांच से पुलिस को मिला सुराग मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी का सामान बरामद करने के लिए विशेष जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन में बुंडू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ओम प्रकाश के नेतृत्व में टीम बनाई गई। एसआईटी ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, तकनीकी जानकारी, वैज्ञानिक अनुसंधान और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के सदस्यों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए 5 नवंबर 2026 को राधा मोहन सिंह मुंडा, प्रवीण पातर मुंडा और रमेश सिंह मुंडा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में तीनों ने चोरी की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की। जंगल में छिपाकर रखे गए थे चोरी के टायर पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर अड़की थाना क्षेत्र के जंगल में छापेमारी की गई। वहां से चोरी किए गए 16 ओपोलो टायर बरामद हुए। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई लाल रंग की टाटा मैजिक गाड़ी भी आरोपियों के घर से जब्त की। इस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर JH01AU-2034 है। जांच के दौरान करण कुमार महतो का नाम भी सामने आया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके घर की तलाशी ली, जहां से चोरी के अन्य सामान बरामद किए गए। पुलिस ने कुल 16 ओपोलो टायर, तीन इन्वर्टर, चार बैटरी, एक स्टेबलाइजर और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने अड़की थाना क्षेत्र में 3 अक्टूबर 2026 को एक कोचिंग सेंटर और एक घर में चोरी करने की बात भी स्वीकार की है। इन दोनों जगहों से चोरी किए गए सामान भी करण कुमार महतो के घर से बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इन घटनाओं के संबंध में भी आगे की जांच कर रही है। मुख्य आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड गिरफ्तार आरोपियों में शामिल राधा मोहन सिंह मुंडा का पुराना आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ अड़की थाना में वर्ष 2011 में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में दंगा, सरकारी काम में बाधा डालने, हत्या के प्रयास, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराएं लगाई गई थीं। इसके अलावा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और सीएलए एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था। इस पूरे अभियान में बुंडू के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ओम प्रकाश, थाना प्रभारी जयदीप टोप्पो, अनुसंधानकर्ता नंदु पैरा, आतिश कुमार, तकनीकी शाखा के गगन ठाकुर और बलेन्द्र कुमार सहित बुंडू थाना तथा तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल थे। Post navigation कर्रा – स्कूटी हादसा देखने सड़क पर जुटे थे लोग, तभी मौत बनकर दौड़ा 18 चक्का ट्रक; सात को कुचलकर पुलिया तोड़ी पिठौरिया में आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत, खुदकुशी की कोशिश की सूचना; पुलिस जांच में जुटी