धनबाद के कोयला कारोबार से जुड़े कथित घोटाले, अवैध कोयला कारोबार, लेवी वसूली और रंगदारी के मामलों की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच के दौरान एजेंसी ने चर्चित कोयला कारोबारी एलबी सिंह और उनसे जुड़े लोगों पर शिकंजा कसते हुए पांच लोगों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। इनमें एलबी सिंह की पत्नी आरती सिंह, भाई विश्वविजय सिंह और साले रंजीत कुमार सिंह शामिल हैं। इसके अलावा अनिल गोयल से जुड़े शब्बीर आलम और महेंद्र सिंह को भी ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है। ईडी ने आरती सिंह को 20 अगस्त, विश्वविजय सिंह को 14 अगस्त और रंजीत कुमार सिंह को 17 अगस्त को क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। वहीं शब्बीर आलम और महेंद्र सिंह को भी अगले सप्ताह पूछताछ के लिए बुलाया गया है। माना जा रहा है कि एजेंसी इन सभी से कोयला कारोबार, कथित वित्तीय लेनदेन, निवेश और संपत्तियों से जुड़े मामलों में पूछताछ कर सकती है। 28 जुलाई को हुई थी छापेमारी, मिले थे 200 से ज्यादा सेल डीड और संपत्तियों के दस्तावेज इस पूरे मामले में ईडी ने 28 जुलाई को धनबाद में कोयला कारोबारियों और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान एक साथ करीब 31 स्थानों को खंगाला गया था। इनमें एलबी सिंह, अनिल गोयल और उनसे जुड़े लोगों के अलावा अन्य कोयला कारोबारियों और उनके सहयोगियों के ठिकाने भी शामिल थे। छापेमारी के दौरान ईडी को करीब 160 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड समेत विभिन्न वित्तीय संस्थानों में किए गए निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले थे। एजेंसी ने इन निवेशों को फ्रीज कर दिया। इसके अलावा करीब 1.02 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी भी बरामद होने की बात सामने आई है, जिसे ईडी ने जब्त कर लिया। जांच के दौरान ईडी के हाथ 200 से अधिक सेल डीड और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी लगे हैं। एजेंसी को संदेह है कि इनमें से कुछ संपत्तियां कथित अपराध से अर्जित रकम से खरीदी गई हो सकती हैं। जब्त दस्तावेजों के आधार पर अब संपत्तियों की खरीद, उनके वास्तविक मालिक और पैसों के स्रोत की पड़ताल की जा रही है। ईडी ने कार्रवाई के दौरान कई बैंक खातों, कंपनियों और संस्थाओं से जुड़े दस्तावेज के अलावा बड़ी संख्या में डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए थे। इनमें मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। डिलीट डेटा खंगालने रांची पहुंची थी फॉरेंसिक टीम जांच को आगे बढ़ाने के लिए ईडी के निर्देश पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम रांची पहुंची थी। टीम जब्त मोबाइल और अन्य डिजिटल डिवाइस से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने में जुटी है। एजेंसी को उम्मीद है कि डिजिटल डाटा से कोयले के कथित अवैध कारोबार में शामिल लोगों, बिचौलियों और उनके बीच हुई बातचीत से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं। जांच का एक अहम पहलू कथित तौर पर बरामद एक डायरी भी है। बताया जा रहा है कि इसमें कुछ अधिकारियों के पदनाम और उनके सामने रकम का उल्लेख मिला है। ईडी इस रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या किसी अधिकारी की भूमिका कथित अवैध कोयला कारोबार को संरक्षण देने में रही थी। अब समन के बाद बढ़ेगी पूछताछ ईडी की कार्रवाई अब छापेमारी और दस्तावेजों की जब्ती से आगे बढ़कर सीधे पूछताछ के चरण में पहुंच गई है। पांच लोगों को जारी किए गए समन के बाद एजेंसी वित्तीय लेनदेन, निवेश, संपत्तियों और कोयला कारोबार से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाएगी। फिलहाल ईडी जब्त दस्तावेजों, डिजिटल डिवाइस, बैंक रिकॉर्ड, सेल डीड और निवेश से जुड़े कागजात को आपस में जोड़कर पूरे मामले की कड़ियां तलाश रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और डिजिटल फॉरेंसिक जांच से इस कथित कोयला कारोबार के नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर और खुलासे होने की संभावना है। Post navigation कुड़माली को संवैधानिक मान्यता की कवायद तेज, अमित शाह से मिले सांसद- आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग