फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान AI-2379 का वह खौफनाक पल, जब आसमान में उड़ रहे विमान का ऑटो-पायलट अचानक बंद हो गया और विमान हवा मे करीब 300 फीट नीचे जा गिरा। लेकिन इस घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू कुछ और था, बताया जा रहा है कि उसी समय विमान का मुख्य पायलट कॉकपिट के फर्श पर पड़ा हुआ था। आखिर पायलट अचानक नीचे कैसे गिरा? क्या विमान में आए तेज झटके की वजह से ऐसा हुआ या इसके पीछे कोई और वजह थी? उस वक्त स्थिति बेहद गंभीर थी, विमान हवा में था। ऐसे समय में को-पायलट ने मोर्चा संभाला और विमान को नियंत्रित करते हुए दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया। अगर को-पायलट ने उस वक्त सूझबूझ नहीं दिखाई होती, तो स्थिति कितनी भयावह हो सकती थी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। लेकिन विमान के सुरक्षित उतरने के बाद भी रहस्य खत्म नहीं हुआ, बल्कि सवाल और गहरे हो गए। फिलहाल इन सवालों का जवाब जांच में तलाशा जा रहा है। पहले बताया गया टर्बुलेंस, फिर बदल गया बयान – कॉकपिट से निकली रिपोर्ट से गहराया रहस्य घटना के बाद एयर इंडिया की ओर से जारी शुरुआती बयान में हादसे की वजह टर्बुलेंस बताई गई। एयरलाइन ने कहा कि कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं। लेकिन कुछ घंटों बाद एयरलाइन ने अपना बयान अपडेट कर दिया। इस बार बयान से ‘टर्बुलेंस’ शब्द हटा दिया गया। इसके बावजूद विमान में सामने आई कथित तकनीकी गड़बड़ियों का कोई विस्तृत उल्लेख नहीं किया गया। यहीं से सवाल उठने लगे कि आखिर विमान के साथ वास्तव में हुआ क्या था? लैंडिंग के बाद तैयार हुई कथित मेंटेनेंस रिपोर्ट ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 9.32 बजे विमान के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में एक साथ लो-प्रेशर की चेतावनी मिली। दो जगहों पर फ्लूइड लेवल कम होने की जानकारी भी सामने आई। इसी दौरान ऑटो-पायलट बंद हुआ और दाएं-बाएं एलिवेटर कंट्रोल में खराबी दर्ज की गई। इसके बाद सुबह इमरजेंसी डोर की चेतावनी भी सामने आई। फिर इंजन-1 के एंटी-आइस सिस्टम में वाल्व प्रेशर से जुड़ी समस्या सामने आई। इसके बाद 10.52 बजे ऑटो-पायलट फिर बंद होने की बात कही गई है। कुल मिला कर विमान में एक के बाद एक कई चेतावनियां सामने आ रही थीं। सबसे बड़ा सवाल – क्या पायलट नशे में था? घटना के बाद एक और गंभीर आरोप सामने आया। कुछ यात्रियों और सूत्रों ने पायलट के नशे में होने की आशंका जताई। बताया गया कि दिल्ली में लैंडिंग के बाद पायलट को खड़े होने में भी परेशानी हो रही थी। जांच के दौरान यूरिन सैंपल देने के वक्त भी उन्हें सहारे की जरूरत पड़ी। इतना ही नहीं, एक क्रू सदस्य द्वारा उड़ान से पहले पायलट के गांजा पीने को लेकर लिखित शिकायत किए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, पायलट ने नशीले पदार्थ के सेवन के आरोप से इनकार किया है। इसलिए इस दावे की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। सूत्रों के अनुसार, विमान सुरक्षित उतरने के बाद मुख्य पायलट केबिन में गए और घायल यात्रियों का हालचाल लिया। इसी दौरान यात्रियों से घटना की रिकॉर्डिंग नहीं करने की अपील किए जाने की भी बात सामने आई है। अगर यह दावा सही है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर ऐसी क्या बात थी जिसे लेकर यात्रियों को रिकॉर्डिंग से रोका जा रहा था? अब जांच बताएगी असली वजह फिलहाल मामले की जांच DGCA और AAIB कर रहे हैं। संबंधित पायलट को रोस्टर से हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। अब जांच के सामने कई बड़े सवाल हैं-क्या विमान में आई तकनीकी खराबियां हादसे की असली वजह थीं? क्या पायलट की स्थिति ने संकट को और बढ़ाया? क्या एयरलाइन ने शुरुआत में पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की? और सबसे अहम, आखिर हवा में उड़ते विमान में उस वक्त कॉकपिट के अंदर हुआ क्या था? इन सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद ही मिल पाएंगे। फिलहाल इतना जरूर है कि AI-2379 की यह उड़ान सुरक्षित लैंडिंग के बावजूद कई ऐसे सवाल छोड़ गई है, जिनका जवाब मिलना विमानन सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। Post navigation कुड़माली को संवैधानिक मान्यता की कवायद तेज, अमित शाह से मिले सांसद- आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग खनिज अधिकारों के मुद्दे पर हेमंत सोरेन का केंद्र पर हमला, बोले- झारखंड ऐसा आंदोलन करेगा जिसे पूरा देश देखेगा