झारखंड पुलिस के नए जवानों और अधिकारियों की पासिंग आउट परेड के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस बल में शामिल होना केवल एक सरकारी नौकरी हासिल करना नहीं है, बल्कि राज्य की सुरक्षा और आम लोगों की सेवा करने की बड़ी जिम्मेदारी लेना है। उन्होंने कहा कि वर्दी पहनने के बाद जवानों की जिम्मेदारी केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पूरे राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्य निभाने के दौरान कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। कई बार जान का जोखिम भी उठाना पड़ता है। ऐसे में हर चुनौती का सामना साहस, धैर्य और ईमानदारी के साथ करना जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पुलिस बल के साथ हर कदम पर खड़ी है और उनकी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों के बच्चों की अच्छी शिक्षा के लिए विशेष स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा पुलिस विभाग के लिए अलग स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने पुलिस जवानों के समर्पण, साहस और कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। कठिन परिस्थितियों से निपटने की दी गई ट्रेनिंग इस अवसर पर आईपीएस अधिकारी प्रिया दुबे ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले डीएसपी और पुलिसकर्मियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षुओं को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और उग्रवाद जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान जवानों को आधुनिक हथियार चलाने, अचूक निशानेबाजी, लाइव फायरिंग, मैप रीडिंग और कठिन इलाकों में अभियान चलाने की विशेष ट्रेनिंग दी गई। साथ ही मानवाधिकारों की रक्षा और पुलिस की जिम्मेदारियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। प्रिया दुबे ने विश्वास जताया कि यह नया बैच उग्रवाद और अपराध के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और राज्य की सुरक्षा को और मजबूत करेगा। 334 पुलिसकर्मियों और 4 डीएसपी ने ली शपथ, ड्रोन से रखी गई कार्यक्रम पर नजर जैप-1 परिसर में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान 4 डीएसपी और 334 पुलिसकर्मियों को शपथ दिलाई गई। सभी जवानों ने समाज की सेवा, संविधान के प्रति निष्ठा और निष्पक्ष होकर कर्तव्य निभाने का संकल्प लिया। जवानों ने बिना किसी भेदभाव के कानून का पालन कराने, अनुशासन बनाए रखने और पुलिस बल की गरिमा को कायम रखने की शपथ भी ली। इस दौरान सभी टुकड़ियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सलामी दी। पासिंग आउट परेड के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। पूरे कार्यक्रम की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से की गई। समारोह में राज्य के पुलिस महानिदेशक समेत कई वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार, मुसाबनी स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षुओं की अंतिम परीक्षा सितंबर महीने में आयोजित की गई थी और नवंबर में परिणाम घोषित कर दिए गए थे। हालांकि किसी कारणवश अब तक पासिंग आउट परेड नहीं हो पाई थी। अब प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जवानों को औपचारिक रूप से पुलिस सेवा में शामिल किया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नए पुलिस अधिकारियों और जवानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे जनता के विश्वास पर खरा उतरें और राज्य की सुरक्षा को मजबूत बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। Post navigation बालू के नीचे छिपा था खौफनाक सच, कुत्ते ने खोला हत्या का राज