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झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान दिलाने की मांग को लेकर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, पूर्वी सिंहभूम का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त राजीव रंजन से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि झारखंड राज्य के गठन के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों को जल्द से जल्द सम्मान पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया जाए। बैठक के दौरान उपायुक्त राजीव रंजन ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि आंदोलनकारियों को सम्मान पत्र देने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने बताया कि सम्मान पत्रों की छपाई का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। जुलाई महीने के दौरान जिले के सभी प्रखंडों में आंदोलनकारियों के बीच सम्मान पत्र वितरण का काम पूरा कर लिया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि सरकार के संकल्प के अनुसार आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाएगा और प्रशासन इस दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पदभार संभालने के बाद झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मानित करने का निर्देश उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर दिया था। प्रशासन आंदोलनकारियों की भावनाओं को समझता है और उनके योगदान का सम्मान करता है।

आंदोलनकारियों को सम्मान करने की दिशा में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए – पुष्कर महतो

इस अवसर पर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलन में योगदान देने वाले सभी आंदोलनकारियों को बिना किसी भेदभाव के सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को जाति, धर्म और राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर सभी आंदोलनकारियों को समान रूप से राजकीय सम्मान और पेंशन देने की व्यवस्था करनी चाहिए। पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण में आंदोलनकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में उनके सम्मान के मामले में किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। सभी आंदोलनकारियों को बराबरी का सम्मान मिलना चाहिए। मोर्चा की केंद्रीय कोषाध्यक्ष सरोजिनी कच्छप ने कहा कि आंदोलनकारियों को समय पर सम्मान नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को सम्मानित कर रही है, लेकिन झारखंड आंदोलन में योगदान देने वाले लोगों को अभी तक पूरा सम्मान नहीं मिल पाया है, जो चिंता की बात है। वहीं, कोल्हान प्रमंडल के अध्यक्ष विश्वजीत प्रमाणिक ने कहा कि आंदोलनकारियों को उनके जीवनकाल में ही सम्मान और पेंशन मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर दिन कई आंदोलनकारी दुनिया छोड़ रहे हैं और कई लोग अपने अधिकारों और सम्मान की प्रतीक्षा में हैं। इसलिए सरकार को इस दिशा में तेजी से कदम उठाने चाहिए। बैठक में नंदू बेलदार, शरत चंद्र महतो, चितो महतो, मिहिर तिवारी, डॉ. लखीकांत महतो, सुनील कुमार महतो, रामनाथ महतो, संजय महतो समेत कई आंदोलनकारी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में झारखंड आंदोलनकारियों को जल्द सम्मान और पेंशन देने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल को उम्मीद है कि प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार जुलाई महीने में जिले के सभी योग्य आंदोलनकारियों को सम्मान पत्र वितरित कर दिया जाएगा और लंबे समय से चली आ रही उनकी मांग पूरी होगी।

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