विशेष अभियान में बेहतर काम करने वाले पुलिस अधिकारियों और जवानों का चयन, आईजी से लेकर आरक्षी तक शामिल झारखंड पुलिस के लिए गर्व की बात है। वर्ष 2026 के केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक के लिए राज्य के 28 पुलिस अधिकारियों और जवानों को चुना गया है। इन सभी को विशेष अभियान के दौरान बेहतर प्रदर्शन और महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। चयनित पुलिसकर्मियों में आईजी और डीआईजी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ डीएसपी, इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसआई, हवलदार और आरक्षी भी शामिल हैं। गृह मंत्रालय की ओर से जारी सूची के अनुसार, झारखंड के सभी चयनित पुलिसकर्मियों को स्पेशल ऑपरेशन श्रेणी में रखा गया है। उनके अभियान की अवधि 22 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 तक बताई गई है। इस अवधि में विशेष अभियानों के दौरान किए गए कार्यों और योगदान के आधार पर उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया है। आईजी से सिपाही तक को मिला सम्मान पदक के लिए चुने गए प्रमुख अधिकारियों में आईजी जगुआर अनूप बिरथरे और डीआईजी इंद्रजीत महथा का नाम शामिल है। इनके साथ डिप्टी कमांडेंट मिथलेश को भी सम्मानित किया जाएगा। वहीं, डीएसपी ज्ञान रंजन और चंदन कुमार का भी चयन हुआ है। इंस्पेक्टर स्तर पर रमेश मुर्मू, अमित रोशन कुल्लू और मनोरंजन प्रसाद सिंह को पदक के लिए चुना गया है। सब इंस्पेक्टर अमृत केरकेट्टा, संदीप तिर्की, प्रभात कुमार महतो, गौतम राणा और दीनबंधु हांसदा भी इस सूची में शामिल हैं। इसके अलावा एएसआई लोहरा मुंडा और माधव लाल टोप्पो, हवलदार जालिंद्र साहू तथा आरक्षी ऋषि रंजन, शिव कुमार महतो और फिरदौस अंसारी को भी इस सम्मान के लिए चयनित किया गया है। इस बार की चयन सूची में एक खास बात यह है कि इसमें पुलिस विभाग के हर स्तर के कर्मियों को जगह मिली है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उन जवानों को भी सम्मानित किया जाएगा, जो विशेष अभियानों के दौरान सीधे मैदान में रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। यह चयन उनके काम और योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान के रूप में देखा जा रहा है। झारखंड के 28 पुलिस अधिकारियों और जवानों का केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक के लिए चयन राज्य पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे न केवल चयनित पुलिसकर्मियों का उत्साह बढ़ेगा, बल्कि विशेष अभियानों में बेहतर काम करने वाले अन्य जवानों को भी प्रेरणा मिलेगी। Post navigation जेल गए हों या नहीं, सभी झारखंड आंदोलनकारियों को मिले सम्मान पेंशन! अब आश्वासन नहीं, सीधा अधिकार चाहिए : पुष्कर महतो तीन घंटे की नवजात को खेत में छोड़कर भागीं महिलाएं, देवी मंदिर में बलि देने की आशंका से ग्रामीणों में सनसनी