रांची से होगी शुरुआत, 5 नवंबर तक गिरिडीह, हजारीबाग, पलामू, जमशेदपुर और दुमका में भी निकलेगी पदयात्रा; हजारों कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा झारखंड में भाजपा अब पदयात्रा के जरिए कांग्रेस को घेरने की तैयारी में है। पार्टी 2 नवंबर से राज्य में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान शुरू करेगी। इसके पहले चरण में छह जिलों में पदयात्रा निकाली जाएगी। अभियान की शुरुआत रांची से होगी। इसके बाद 3 नवंबर को गिरिडीह और हजारीबाग, 4 नवंबर को पलामू तथा 5 नवंबर को जमशेदपुर और दुमका में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा ने दावा किया है कि हर जिले में हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग इस पदयात्रा में शामिल होंगे। भाजपा के प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के निर्देश पर इस अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। दीपावली से पहले छह जिलों में पहले चरण का कार्यक्रम पूरा किया जाएगा। छठ महापर्व के बाद राज्य के अन्य जिलों में भी पदयात्रा निकाली जाएगी। कार्यक्रमों के संचालन और व्यवस्था के लिए पार्टी ने अलग-अलग नेताओं को जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है। रांची की पदयात्रा के प्रभारी प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह होंगे। गिरिडीह में अमर कुमार बाउरी और हजारीबाग में पूर्व विधायक बिरंची नारायण को जिम्मेदारी दी गई है। पलामू में प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे। वहीं, जमशेदपुर में विधायक राज सिन्हा और दुमका में प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा प्रभारी बनाए गए हैं। चुनावी हार के बाद संस्थाओं पर सवाल उठा रही कांग्रेस : मनोज सिंह मनोज सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में हार मिलने के बाद पार्टी चुनाव आयोग और दूसरी संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है। उन्होंने इसे कांग्रेस की हताशा और निराशा बताया। उनके मुताबिक, भाजपा इस पदयात्रा के माध्यम से कांग्रेस की इस राजनीति को जनता के सामने रखेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी है। चुनावी नतीजों से असहमति होने पर संस्थाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठाना उचित नहीं है। देश की जनता अराजकता के बजाय स्थिरता, सुशासन और विकास चाहती है। एसआईआर और मतदाता सूची के मुद्दे पर भी होगा प्रचार भाजपा इस अभियान के दौरान एसआईआर यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी लोगों को जागरूक करेगी। मनोज सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में मृत, दूसरे स्थान पर जा चुके, दोहरे और अपात्र मतदाताओं के नामों की जांच जरूरी है। इससे मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने इसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताया। मनोज सिंह ने कांग्रेस को आपातकाल की याद दिलाते हुए आरोप लगाया कि जिस पार्टी ने अपने शासनकाल में लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक लगाई थी, वही आज लोकतंत्र और संविधान की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा पदयात्रा के दौरान कांग्रेस के पुराने फैसलों और वर्तमान बयानों के बीच के अंतर को भी जनता के सामने रखेगी। मोदी सरकार के 12 साल के काम भी बताएगी पार्टी भाजपा इस पदयात्रा के जरिए केंद्र सरकार की उपलब्धियों का प्रचार भी करेगी। मनोज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों और सुशासन से जुड़े प्रयासों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। पार्टी कार्यकर्ता आम लोगों से संवाद कर सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में बताएंगे। उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था को अस्थिर करने की सोच रखने वालों को जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। मनोज सिंह ने कहा कि भाजपा संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी का दावा है कि यह अभियान राज्य में लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ कांग्रेस की कथित दोहरी राजनीति को उजागर करेगा। Post navigation IIT धनबाद के हॉस्टल में दर्दनाक घटना, आठवीं मंजिल से गिरकर फाइनल ईयर के छात्र की मौत