झारखंड में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिन परेशानी भरे हो सकते हैं। रेलवे के विकास कार्यों के कारण कई यात्री ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया जाएगा। इसका असर टाटानगर समेत आसपास के इलाकों के यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। ऐसे में यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले ट्रेन से जुड़ी जानकारी जरूर लेनी चाहिए। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल के अंतर्गत झारसुगुड़ा पैसेंजर यार्ड में नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जाना है। रेलवे की ओर से यह काम 27 नवंबर से 17 दिसंबर 2026 तक अलग-अलग निर्धारित तारीखों पर किया जाएगा। इस दौरान रेल परिचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव किया जाएगा। विकास कार्य के कारण ट्रेनों पर पड़ेगा असर रेलवे में नॉन-इंटरलॉकिंग का काम सिग्नल और रेल परिचालन व्यवस्था से जुड़ा होता है। इस काम के पूरा होने से ट्रेनों का संचालन बेहतर बनाने में मदद मिलती है। हालांकि, काम के दौरान कुछ ट्रेनों को रद्द करने, उनके मार्ग में बदलाव करने या परिचालन के समय में परिवर्तन करने की जरूरत पड़ सकती है। रेलवे की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, इस कार्य के कारण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से संबंधित कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इसका असर टाटानगर से यात्रा करने वाले यात्रियों पर भी पड़ सकता है। यात्रियों को क्या करना चाहिए? ट्रेनों के परिचालन में बदलाव से यात्रियों को स्टेशन पहुंचने, आगे की यात्रा तय करने और कनेक्टिंग ट्रेन पकड़ने में परेशानी हो सकती है। इसलिए यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच कर लेनी चाहिए। जिन लोगों ने पहले से टिकट बुक कराया है, उन्हें भी रेलवे की ताजा सूचना पर नजर रखनी चाहिए। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में प्रभावित ट्रेनों के नाम और उनके रद्द होने की तारीखों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए किसी खास ट्रेन के रद्द होने की पुष्टि रेलवे की आधिकारिक अधिसूचना से ही की जानी चाहिए। Post navigation गिरिडीह में कार्यक्रम बना रणक्षेत्र, रोशन रोही और निशा दुबे की प्रस्तुति के दौरान जमकर हंगामा; पुलिस का लाठीचार्ज