झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की ओर से तेलोडीह स्थित कार्यालय में झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता स्व. विनोद बिहारी महतो उर्फ विनोद बाबू की 123वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का नेतृत्व मोर्चा के केंद्रीय सचिव जगत महतो ने किया। इस दौरान लोगों ने विनोद बिहारी महतो को श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जगत महतो ने कहा कि विनोद बिहारी महतो ने एक ऐसे झारखंड का सपना देखा था, जहां लोग खुशहाल हों और राज्य विकास के रास्ते पर आगे बढ़े। उन्होंने शोषण और भ्रष्टाचार से मुक्त झारखंड की कल्पना की थी। उनके अनुसार, आज भी विनोद बिहारी महतो के कई सपने पूरे नहीं हुए हैं। आंदोलनकारियों और किसानों के मुद्दे उठाए जगत महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारियों को आज भी उनका उचित सम्मान और अधिकार नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य में आंदोलनकारियों के साथ-साथ विस्थापितों और किसानों की समस्याएं भी बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि विनोद बिहारी महतो ने झारखंड के लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया था। इसके बावजूद उन्हें झारखंड आंदोलनकारी के रूप में सर्वोच्च राजकीय सम्मान देने के लिए अब तक गजट नोटिफिकेशन नहीं किया गया है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। 29 को मशाल जुलूस, 30 सितंबर को बंद जगत महतो ने कहा कि विनोद बिहारी महतो के सपनों को पूरा करने और आंदोलनकारियों के अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि 29 सितंबर को मशाल जुलूस निकाला जाएगा और 30 सितंबर को संपूर्ण झारखंड बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से आंदोलनकारियों की मांगों और विनोद बिहारी महतो के विचारों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। जेल में साथ रहे थे जगत महतो कार्यक्रम के दौरान जगत महतो ने विनोद बिहारी महतो के साथ अपने पुराने संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने बताया कि वह आंदोलन के दौरान विनोद बिहारी महतो के साथ जेल में भी रहे थे। उन्होंने कहा कि विनोद बाबू का जीवन झारखंड के लोगों के अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनके विचारों को केवल जयंती मनाकर याद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके सपनों के झारखंड के निर्माण के लिए लगातार प्रयास करना जरूरी है। ये लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में जागरण मरांडी, रेंगू साव, भारत साव, वरुण साव, वासुदेव यादव, नकुल महतो, जितेंद्र साव, यशोदा देवी, गुलाब साव, चंपा मरांडी, नकुल साव समेत कई लोग मौजूद थे। सभी ने विनोद बिहारी महतो के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया। Post navigation विनोद बिहारी महतो की जयंती पर गरजे पुष्कर महतो – आंदोलनकारियों के आन, बान और शान से किया जा रहा समझौता