पलामू के छतरपुर में सोमवार की देर रात राज्य के वित्त मंत्री सह छतरपुर विधायक राधाकृष्ण किशोर अचानक सड़क पर उतर गए। उन्होंने करमाकला पेट्रोल पंप के पास रात करीब 11 बजे से एक बजे तक खुद वाहनों की जांच की। इस दौरान ओवरलोड और जरूरी कागजात नहीं रखने वाले तीन वाहनों को पकड़ा गया। जांच के बाद सभी जब्त वाहनों को छतरपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। रात 11 बजे से 1 बजे तक चला मंत्री का वाहन जांच अभियान, ओवरलोड तीन वाहन जब्त बताया गया कि वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के इस अचानक वाहन जांच अभियान की शुरुआत में किसी को जानकारी नहीं थी। मंत्री के मौके पर पहुंचने के बाद वहां से गुजरने वाले वाहनों की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान ऐसे वाहनों पर विशेष नजर रखी गई, जिनमें क्षमता से अधिक सामान लदा था या जिनके पास परिवहन से जुड़े जरूरी कागजात उपलब्ध नहीं थे। जांच के दौरान तीन वाहनों को नियमों के उल्लंघन के आरोप में पकड़ा गया। इनमें कोयला और छरी-पत्थर लदे वाहन शामिल बताए गए हैं। मंत्री ने कार्रवाई के बाद जब्त वाहनों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। इधर, जैसे ही वाहन जांच की खबर आसपास के इलाके में फैली, छतरपुर मुख्यपथ से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों का परिचालन अचानक कम हो गया। बताया गया कि कार्रवाई की सूचना दूसरे वाहन चालकों तक पहुंचते ही कई ओवरलोड वाहन रास्ते में रुक गए या दूसरे रास्तों की ओर चले गए। इसके कारण अभियान के दौरान महज तीन वाहनों पर ही कार्रवाई हो सकी। वाहन जांच के दौरान जीएसटी विभाग के कर्मियों के साथ कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। जांच अभियान की सूचना मिलने पर छतरपुर थाना प्रभारी सौरभ चौबे भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद पकड़े गए वाहनों को छतरपुर थाना ले जाया गया। वित्त मंत्री के इस देर रात किए गए अचानक वाहन जांच अभियान से क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों के परिचालन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खासकर कोयला, छरी और पत्थर जैसे खनिज पदार्थों को लेकर चलने वाले वाहनों की जांच और दस्तावेजों की उपलब्धता पर प्रशासन की नजर रहने की बात सामने आई है। Post navigation झारखंड आंदोलनकारियों का बड़ा ऐलान, 29 सितंबर को मशाल जुलूस और 30 को आर्थिक नाकेबंदी