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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के खिलाफ बड़ा नियामक कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने कुल 13 NBFC कंपनियों पर कार्रवाई की है। इनमें पांच कंपनियों का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (CoR) रद्द कर दिया गया है, जबकि आठ कंपनियों ने अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट खुद RBI को सरेंडर कर दिया है। RBI ने यह कार्रवाई अगस्त 2026 में की है। RBI ने यह कदम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट, 1934 की धारा 45-IA (6) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उठाया है। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द होने के बाद संबंधित कंपनियां अब NBFC के तौर पर किसी भी तरह का वित्तीय कारोबार नहीं कर सकती हैं। इन कंपनियों को नया लोन देने या आम लोगों से सार्वजनिक जमा लेने की अनुमति नहीं होगी। RBI की इस कार्रवाई का उद्देश्य वित्तीय क्षेत्र में नियमों का पालन सुनिश्चित करना और ग्राहकों के हितों की सुरक्षा करना है। केंद्रीय बैंक लगातार यह जांच करता है कि NBFC कंपनियां तय वित्तीय और नियामकीय मानकों का पालन कर रही हैं या नहीं। नियमों का पालन नहीं करने या कारोबार बंद कर देने वाली कंपनियों के खिलाफ RBI नियमानुसार कार्रवाई करता है।

RBI के आदेश के अनुसार पांच कंपनियों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को औपचारिक रूप से रद्द किया गया है। इनमें कोलकाता और मुंबई की कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के CoR रद्द होने के बाद अब वे RBI Act, 1934 की धारा 45-I के तहत किसी गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान का कारोबार नहीं चला सकती हैं। जिन पांच कंपनियों का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द किया गया है, उनमें डार्स फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड शामिल है, जिसका पता GE-108, राजडांगा मेन रोड, कोलकाता, पश्चिम बंगाल बताया गया है। इसके अलावा वासुदेव सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड का पता 501, इंपीरियल रेजीडेंसी, जेवीपीडी स्कीम, विलेपार्ले वेस्ट, जुहू, मुंबई बताया गया है। इस सूची में पार्सोली कॉरपोरेशन लिमिटेड भी शामिल है, जिसका पता दुकान नंबर 4, न्यू जल दर्शन, चिंबई पेरी रोड, बांद्रा वेस्ट, मुंबई बताया गया है। इसके अलावा ए. सी. चोकसी फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का नाम भी कार्रवाई वाली कंपनियों में है। MCA रिकॉर्ड के अनुसार इस कंपनी का नाम डेउस फाइनेंशियल कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड बताया गया है और इसका पता साकी विहार रोड, साकीनाका, अंधेरी ईस्ट, मुंबई है। RBI की कार्रवाई में एक अन्य कंपनी रोल्टा होल्डिंग एंड फाइनेंस कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड का भी उल्लेख किया गया है, जिसका पता मेकर टॉवर ‘एफ’, 21वीं मंजिल, कफ परेड, कोलाबा, मुंबई बताया गया है। इसके अलावा आठ NBFC कंपनियों ने अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट खुद RBI को वापस कर दिया है। RBI की ओर से इन कंपनियों के CoR सरेंडर किए जाने के बाद संबंधित संस्थाएं NBFC के रूप में कारोबार करने के लिए अधिकृत नहीं रहेंगी। RBI की इस कार्रवाई के बाद इन कंपनियों से जुड़े ग्राहकों और कारोबारियों के लिए अपने पुराने वित्तीय लेन-देन की स्थिति को समझना जरूरी है। हालांकि CoR रद्द होने या सरेंडर किए जाने का मतलब यह नहीं है कि किसी ग्राहक की मौजूदा देनदारी अपने आप समाप्त हो जाती है। ऐसे मामलों में संबंधित कंपनी और ग्राहक के बीच मौजूद पुराने वित्तीय समझौतों और बकाया की स्थिति अलग-अलग हो सकती है। RBI समय-समय पर ऐसी कार्रवाई के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश करता है कि NBFC क्षेत्र में केवल वही कंपनियां काम करें जो केंद्रीय बैंक के नियमों और वित्तीय मानकों का पालन करती हों। खास तौर पर नेट ओन्ड फंड, नियामकीय अनुपालन और अन्य जरूरी शर्तों को पूरा करना NBFC के लिए महत्वपूर्ण है।

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