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जमुई जिले में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ बदसलूकी और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए जिले के अलग-अलग इलाकों में लगातार छापेमारी की जा रही है। इसी कार्रवाई के दौरान कुंदर बराज के पास पुलिस और आरोपितों के बीच कथित मुठभेड़ की जानकारी सामने आई है। इस दौरान एक आरोपित के पैर में गोली लगने और दूसरे का पैर टूटने की बात कही जा रही है। हालांकि, पुलिस के वरीय अधिकारियों ने अभी तक मुठभेड़ की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम आरोपितों की तलाश में कुंदर बराज के पास पहुंची थी। इसी दौरान पुलिस और आरोपितों का आमना-सामना हो गया। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी हरेराम यादव का पैर टूट गया। दोनों आरोपितों को पुलिस ने अपनी हिरासत में लेकर इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में दोनों घायलों का इलाज चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है। सुरक्षा को देखते हुए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसकर्मी घायलों की निगरानी भी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल चार आरोपितों को पकड़ा है। इनमें तीन आरोपितों को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था, जबकि एक अन्य आरोपित को मंगलवार को पकड़ा गया। पुलिस सभी आरोपितों से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी को समझने की कोशिश कर रही है। पूछताछ के दौरान घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों, अन्य आरोपितों और उनके संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

इसी मामले में पुलिस ने वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर सबसे पहले प्रसारित करने वाले कथित मुख्य आरोपित को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपित की पहचान मड़वा निवासी रामाशीष चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच और साइबर सर्विलांस के जरिए रामाशीष की पहचान की गई। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ हुई घटना का वीडियो रामाशीष चौधरी ने इंटरनेट मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अपलोड और प्रसारित किया था। वीडियो के तेजी से वायरल होने के बाद मामला पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया था। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई। जांच के दौरान पुलिस की तकनीकी टीम ने वीडियो से जुड़े डिजिटल फुटप्रिंट और आईपी ट्रेल की जांच की। इसी आधार पर वीडियो को इंटरनेट पर प्रसारित करने वाले व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर मड़वा से रामाशीष चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो उसे कहां से मिला था और उसने इसे किन-किन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किया। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वीडियो बनाने या उसे सबसे पहले प्रसारित करने में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना से जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले की विस्तृत जानकारी आधिकारिक तौर पर साझा की जाएगी। मुठभेड़ से जुड़ी जानकारी की फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान आने के बाद ही इस कार्रवाई की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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