पटना के ज्ञान भवन में 20 से 29 सितंबर तक बिहार सरस मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में बिहार के सभी 38 जिलों की जीविका दीदियां अपने हाथों से तैयार किए गए उत्पाद लेकर पहुंचेंगी। इसके अलावा देश के दूसरे राज्यों की महिला उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए सामान भी मेले में प्रदर्शित किए जाएंगे और उनकी बिक्री भी होगी। ग्रामीण महिलाओं और जीविका दीदियों को उनके उत्पादों के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध कराना है सरस मेले का उद्देश्य – श्रवण कुमार ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि सरस मेले का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और जीविका दीदियों को उनके उत्पादों के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध कराना है। जीविका दीदियां अलग-अलग तरह के सामान तैयार करती हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर तो बाजार मिलता है, लेकिन बड़े बाजार तक पहुंच बनाने में कई बार परेशानी होती है। सरस मेला उन्हें सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर देता है। मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष आयोजित सरस मेले में 5 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पादों की बिक्री हुई थी। इससे पता चलता है कि जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। मेले में आने वाले लोग इन उत्पादों को सीधे खरीद सकते हैं, जिससे महिला उद्यमियों को अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार अब जीविका दीदियों के उत्पादों को केवल बिहार या देश के बाजार तक सीमित रखने के बजाय अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके लिए उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की योजना बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी प्रदर्शनी-सह-बिक्री केंद्र खोलने की है। इसके लिए राजगीर, नालंदा, बोधगया, पावापुरी, केसरिया, वैशाली और बक्सर जैसे पर्यटन स्थलों को चुना गया है। इन केंद्रों पर आने वाले पर्यटकों को स्थानीय उत्पादों के साथ-साथ जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए गए सामान भी खरीदने का अवसर मिलेगा। इन बिक्री केंद्रों के जरिए ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को सीधे पर्यटकों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। इससे एक ओर पर्यटकों को बिहार के स्थानीय और पारंपरिक उत्पाद आसानी से मिल सकेंगे, वहीं दूसरी ओर जीविका दीदियों को अपने सामान के लिए स्थायी बाजार मिलने की संभावना बढ़ेगी। सरकार की योजना बिहार के बाहर की जीविका दीदियों और महिला उद्यमियों के उत्पादों को भी राज्य में बाजार उपलब्ध कराने की है। यानी सरस मेला केवल बिहार की महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों की महिला उद्यमियों के लिए भी अपने उत्पादों को बिहार के ग्राहकों तक पहुंचाने का मंच बनेगा। Post navigation सीतामढ़ी में सुबह-सुबह ताबड़तोड़ फायरिंग, जिला परिषद सदस्य के पति की गोली मारकर हत्या