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गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइक राइडर सिया को कार से टक्कर मारने के मामले में फरार चल रहे आरोपी कार चालक कल्याण बैंसला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे राजस्थान के दौसा से पकड़ा है। 13 सितंबर को हुई इस घटना के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उससे घटना को लेकर पूछताछ करेगी। यह मामला उस समय सामने आया था, जब सिया अपनी Aprilia RS 457 बाइक से कुछ अन्य बाइक राइडर्स के साथ गोल्फ कोर्स रोड से गुजर रही थीं। इसी दौरान एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी तेज थी कि सिया सड़क पर गिर गईं और उनकी बाइक कुछ दूरी तक सड़क पर घिसटती चली गई। घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया था।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। सिया ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि कार चालक ने जानबूझकर उनकी बाइक को टक्कर मारी। सिया के मुताबिक, कार चालक ने पहले उन्हें रुकने का इशारा किया था। जब उन्होंने कार नहीं रोकी तो चालक ने कार उनकी बाइक की तरफ मोड़ दी और टक्कर मार दी। घटना के बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया और सेक्टर-56 थाना में मुकदमा दर्ज किया। शुरुआत में पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा से संबंधित बीएनएस की धारा 281 और 125 के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। वीडियो की जांच में पुलिस को यह तथ्य सामने आया कि कार चालक ने कथित तौर पर सिया की बाइक की दिशा में कार मोड़ी थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 109 भी जोड़ दी, जो हत्या के प्रयास से संबंधित है।

धारा 109 जुड़ने के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई। पुलिस ने आरोपी कार चालक की गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया था। टीमें लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थीं। पुलिस को उसके राजस्थान के दौसा में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना के पीछे उसका मकसद क्या था और टक्कर किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस घटना से जुड़े वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, मामले में बीएनएस की धारा 109 के तहत आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस धारा में दोष साबित होने पर 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। हालांकि, मामले में आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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